कोलकाता: कार्यकाल समाप्त होने के बाद राज्यपाल आर. एन. रवि ने पश्चिम बंगाल विधानसभा को भंग करने की घोषणा कर दी है। जारी अधिसूचना में कहा गया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 174 की धारा 2 के उपखंड (बी) के तहत प्राप्त अधिकारों का उपयोग करते हुए विधानसभा को 7 मई से भंग माना जाएगा।
विधानसभा भंग होने के साथ ही राज्य की मंत्रिपरिषद का अस्तित्व भी समाप्त हो गया। इसके परिणामस्वरूप ममता बनर्जी अब मुख्यमंत्री पद पर नहीं रहीं।
संविधान के अनुच्छेद 174 के अंतर्गत राज्यपाल को विधानसभा का सत्र बुलाने, सत्र स्थगित करने और कार्यकाल समाप्त होने पर विधानसभा भंग करने का अधिकार प्राप्त है। इसी संवैधानिक प्रावधान का उपयोग करते हुए यह निर्णय लिया गया।
इससे पहले ममता बनर्जी ने संकेत दिया था कि वह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगी। उनका आरोप था कि चुनाव में उन्हें अनैतिक तरीके से हराया गया है। उन्होंने मतगणना प्रक्रिया को लेकर भी कई सवाल उठाए थे और मामले को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाने की बात कही थी।
ममता बनर्जी के इस्तीफा न देने की स्थिति में नई सरकार के शपथ ग्रहण को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई थी। इसी पृष्ठभूमि में राज्यपाल द्वारा विधानसभा भंग करने का फैसला सामने आया है।