वॉशिंगटन डी.सी. : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फिर एक बार अपने टैरिफ नीति के कारण अदालत के समक्ष पीछे हट गए। पहले ही अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने उनकी टैरिफ नीति को अवैध घोषित कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद ट्रंप ने हिम्मत नहीं हारी और 10 प्रतिशत अस्थायी टैरिफ लागू करने की घोषणा की थी। गुरुवार को न्यूयॉर्क की इंटरनेशनल ट्रेड कोर्ट ने इस अतिरिक्त 10 प्रतिशत टैरिफ को भी रद्द कर दिया। न्यायाधीशों ने स्पष्ट रूप से कहा यह कानून अवैध है और सही तरीके से लागू नहीं किया गया।
पिछले वर्ष यानी अगस्त 2025 में डोनाल्ड ट्रंप ने विभिन्न देशों के उत्पादों पर टैरिफ लागू किया था। कुछ देशों के लिए यह दर 50 प्रतिशत थी जबकि कुछ अन्य देशों के लिए 19 प्रतिशत तक थी। ट्रंप की इस नीति के खिलाफ अदालत में एक खिलौना निर्माता कंपनी ने मुकदमा दायर किया। सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही इस टैरिफ को अवैध घोषित किया था। फरवरी में ट्रंप ने इस फैसले की आलोचना करते हुए फिर से 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लागू कर दिया।
टैरिफ लागू करने के पीछे उन्होंने 1974 के अमेरिकी ट्रेड एक्ट की धारा 122 का सहारा लिया। इस धारा के अनुसार अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी के बिना यह टैरिफ अधिकतम 150 दिन तक लागू रह सकता है। इसके बाद यदि शुल्क वसूलना होता तो ट्रंप को कांग्रेस की मंजूरी लेनी पड़ती। लेकिन इससे पहले तीन कंपनियों—बार्लाप एंड बैरेल, वॉशिंगटन के डेमोक्रेटिक प्रशासन और खिलौना निर्माता कंपनी बेसिक फन—ने इस 10 प्रतिशत टैरिफ के खिलाफ मुकदमा दायर कर दिया।
करीब तीन महीने तक इंटरनेशनल ट्रेड कोर्ट में तीन न्यायाधीशों की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। गुरुवार को फैसला सुनाते हुए न्यायाधीशों ने कहा 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 122 के तहत ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाया गया टैरिफ सही तरीके से लागू नहीं किया गया। इसके बाद 2-1 मत से यह अतिरिक्त 10 प्रतिशत टैरिफ रद्द कर दिया गया।
विशेषज्ञों और जानकारों के अनुसार यह ट्रंप की टैरिफ नीति के लिए बड़ा झटका है। इस फैसले के ठीक पहले ट्रंप चीन की यात्रा पर जाने वाले है जहा वे बीजिंग में व्यापार संबंधी वार्ता करेंगे। ऐसे में यह निर्णय और भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फैसले के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा उग्र वामपंथी दो न्यायाधीशों ने यह निर्णय लिया है। उन्होंने थोड़ी निराशा जताते हुए कहा अब अदालत के फैसलों से मैं हैरान नहीं होता वे एक तरह का फैसला देते हैं और फिर दूसरा रास्ता अपनाते हैं।हालांकि अदालत के इस फैसले के बावजूद 10 प्रतिशत टैरिफ पूरी तरह से समाप्त नहीं होगा। फिलहाल, मुकदमा दायर करने वाली तीन कंपनियों को राहत मिली है लेकिन अन्य मामलों की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। ट्रंप प्रशासन ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जाने की चेतावनी भी जारी कर दी है।