जयपुरः नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की साल 2024 रिपोर्ट में बलात्कार के केस में राजस्थान टॉप पर है। हालांकि पिछले सालों की तुलना करे तो बलात्कार के मामलों में कमी आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, राजस्थान में 2024 में 4 हजार 888 बलात्कार के मामले दर्ज हुए। इसके बाद उत्तर प्रदेश में 3,287, मध्य प्रदेश में 3,061 और महाराष्ट्र में 3,091 मामले दर्ज हुए। हालांकि, कुल 6 साल के आंकड़ों की तुलना करें तो 2024 का आंकड़ा सबसे कम है। साल 2021 में राज्य में सर्वाधिक 6 हजार 337 मामले बलात्कार के दर्ज किए गए। जबकि साल 2024 के आंकड़े 22.86 प्रतिशत कम है। 2019 में 5,997 मामले, 2020 में 5,310 मामले, 2022 में 5,399 और 2023 में 5,078 मामले दर्ज हुए।
98 फीसदी मामलों में 'अपने' ही गुनाहगार
रिपोर्ट के मुताबिक बलात्कार के कुल मामलों में से 98.4 फीसदी अपराधी पीड़ित को पहले से जानते थे। ऐसे 4,795 मामले हैं, जिनमें अपराधी पीड़ित के परिचित हैं। इनमें से 453 मामलों में अपराधी और कोई नहीं बल्कि पीड़ितों के परिवार के सदस्य ही थे। जबकि 2 हजार 129 मामले दोस्तों, लिव-इन पार्टनर, अलग हुए पति या ऑनलाइन दोस्तों के थे। वहीं 2 हजार 213 मामले पड़ोसियों, पारिवारिक मित्रों या सहकर्मियों के थे।
620 महिलाओं का बार-बार रेप, 38 का मर्डर
रिपोर्ट के मुताबिक, 3 हजार 44 पीड़िताएं 18 से 30 वर्ष की आयु की थीं। इनमें 30 से 45 वर्ष के बीच 1 हजार 576 पीड़िताएं, 45 से 60 वर्ष के बीच 266 पीड़िताएं और दो 60 वर्ष से अधिक आयु की थीं। यह भी सामने आया कि कम से कम 330 मामलों में शिक्षक, अभिभावक समेत कई लोग भी शामिल हैं। डेटा से पता चलता है कि 620 महिलाओं का लंबे समय तक बार-बार बलात्कार हुआ। जबकि 717 मामले सामूहिक बलात्कार के दर्ज हुए। 38 मामलों में पीड़िताओं की बलात्कार के बाद हत्या भी कर दी गई।