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फीफा का नया विवादित करार: प्रेडिक्शन मार्केट से साझेदारी

फीफा की नीतियों पर बढ़ता दबाव और आलोचना।

बर्न : फीफा ने एक बेटिंग संस्था के साथ साझेदारी का समझौता किया है। यह पहली बार है जब फीफा का कोई आधिकारिक साझेदार किसी प्रेडिक्शन मार्केट से जुड़ा है। विश्व कप के लिए फीफा ने 'एडीआई प्रेडिक्टस्ट्रीट' नामक नई बेटिंग संस्था के साथ करार किया है। इस व्यवस्था के तहत विश्व कप के किसी भी मैच पर इस प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से दांव लगाया जा सकेगा। इस प्रकार यह फीफा के इतिहास में पहली बार है जब उसका कोई पार्टनर प्रेडिक्शन मार्केट क्षेत्र से आया है।

इस समझौते को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं। कुछ लोग इस पर असंतोष व्यक्त कर रहे हैं और सवाल उठा रहे हैं कि क्या आर्थिक लाभ के कारण फीफा अपने मूल सिद्धांतों से समझौता कर रहा है। इसी वजह से इस करार को लेकर बहस और आलोचना दोनों तेज हो गई हैं।

इस पूरी कहानी में एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि संबंधित बेटिंग संस्था बेहद नई है। इसका गठन अप्रैल महीने में ही हुआ था। बताया जा रहा है कि इसका कोई पूरी तरह सक्रिय या 'फंक्शनिंग' वेबसाइट मौजूद नहीं है। इस संस्था का पंजीकरण जिब्राल्टर में किया गया है। इसे मात्र नौ दिनों के भीतर जिब्राल्टर का लाइसेंस प्राप्त हुआ था जो जिब्राल्टर के वित्त मंत्री की सिफारिश पर जारी किया गया। इसके अतिरिक्त इस संस्था के संबंध अबू धाबी के शाही परिवार से भी बताए जा रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार संयुक्त राज्य अमेरिका में यह प्रेडिक्शन मार्केट या बेटिंग संस्था बड़े स्तर पर काम करेगी। लेकिन इसी दौरान अर्जेंटीना, ब्राजील, कोलंबिया, फ़्रांस, जर्मनी सहित पचास से अधिक देशों में प्रेडिक्शन मार्केट या तो प्रतिबंधित हैं या कड़े नियंत्रण में संचालित किए जाते हैं। वहीं अमेरिका में प्रेडिक्शन मार्केट को पारंपरिक रूप से जुआ यानी गैंबलिंग की श्रेणी में नहीं रखा जाता है जिसके कारण वहाँ यह गतिविधि अलग तरीके से संचालित हो सकती है।

इन परिस्थितियों के कारण अमेरिका में भी फीफा के इस निर्णय पर विवाद खड़ा हो गया है। कई प्रांतों का मानना है कि भले ही इसे प्रेडिक्शन मार्केट कहा जा रहा हो लेकिन वास्तविक रूप में यह जुए का ही स्वरूप है। इसी आधार पर फीफा की आलोचना की जा रही है और आरोप लगाए जा रहे हैं कि यह निर्णय मुख्यतः आर्थिक लाभ को ध्यान में रखकर लिया गया है।

इसके अलावा फीफा पहले से ही टिकटों की कीमतों को लेकर आलोचना का सामना कर रहा है। इस पर फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फ़ान्टिनो ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका में कई खेल आयोजन होते हैं जिनमें इससे भी अधिक कीमतों पर टिकट बिकते हैं। फीफा की ओर से यह भी कहा गया है कि अमेरिका में टिकटों की कीमतें वहाँ की परिस्थितियों के अनुसार उचित हैं। साथ ही फीफा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह संकेत दिया है कि इस बार कीमतें अधिक होने को लेकर जो आलोचना हो रही है उसे ध्यान में रखते हुए अगले विश्व कप में टिकट दरों को अधिक संतुलित और उचित तरीके से तय करने की आवश्यकता होगी।

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