शुभेंदु अधिकारी के सहायक चंद्रनाथ रथ (42) की हत्या किसने की - इस सवाल का जवाब अभी तक नहीं मिला है। इसी बीच शुक्रवार को पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हुई दूसरी बाइक भी बरामद कर ली है। हालांकि अभी तक एक चार पहिया गाड़ी का कोई सुराग नहीं मिला है।
प्रारंभिक जांच में अनुमान है कि वह गाड़ी किसी दूसरे राज्य की हो सकती है। फिलहाल जांचकर्ता उस बाइक के मालिक और गाड़ी दोनों की तलाश कर रहे हैं।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बरासात के 11 नंबर रेलगेट के पास से जांचकर्ताओं ने एक बाइक जब्त की है जिसका नंबर WB 24B M4052 बताया जाता है। इससे पहले एयरपोर्ट के ढाई नंबर गेट के पास स्थित वेस्ट मैनेजमेंट वैट से एक और बाइक बरामद की गई थी जिसका नंबर प्लेट फर्जी होने का दावा किया गया।
अब बरामद हुई नई बाइक की नंबर प्लेट, इंजन और चेसिस नंबर असली हैं या नहीं - इसकी जांच की जा रही है। संभावना जतायी जा रही है कि हत्या के बाद अपराधी इसी बाइक से फरार होंगे और इसे रेलगेट के पास छोड़कर किसी अन्य गाड़ी से भाग निकले।
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गौरतलब है कि इस मामले की जांच के लिए IPS अजय ठाकुर के नेतृत्व में 7 सदस्यीय SIT (Special Investigation Team) का गठन किया गया है। टीम यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सुपारी देकर हत्या करवाने के पीछे असली मास्टरमाइंड कौन है।
बता दें, बुधवार की रात को चंद्रनाथ एक स्कॉर्पियो गाड़ी से मध्यमग्राम स्थित अपने फ्लैट पर लौट रहे थे। उसी समय एक छोटी कार ने आकर पहले उनकी गाड़ी का रास्ता रोक लिया। कार से कुछ बदमाश उतरे और इससे पहले कि वह कुछ समझ पाते उनपर ताबड़तोड़ गोलियों की बौछार कर दी गयी। गोली गाड़ी के शीशे को तोड़ते हुए चंद्रनाथ रथ को जाकर लगी जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
इस घटना के बाद हमलावर मौके से बाइक पर सवार होकर फरार हो गए। हत्या के बाद एक गाड़ी सड़क पर ही मिली थी, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। लेकिन सीसीटीवी फुटेज में एक लाल रंग की कार भी दिखाई दी है। अभी तक उस कार का कोई सुराग नहीं मिला है। जांचकर्ताओं का मानना है कि वह गाड़ी संभवतः किसी दूसरे राज्य की हो।
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चंद्रनाथ हत्याकांड के आरोपी कहीं दूसरे राज्यों में छिप न सकें, इसके लिए सभी राज्यों की एसटीएफ (STF) और एटीएस (ATS) को पहले ही अलर्ट कर दिया गया है। यह भी जानकारी मिली है कि हमलावरों को पकड़ने के लिए केंद्र की सभी एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं।
हालांकि जांचकर्ताओं का मानना है कि इस हत्याकांड में सिर्फ बाहरी राज्यों के अपराधी ही नहीं बल्कि स्थानीय बदमाशों की भी भूमिका हो सकती है। जिस तरह हमलावर गलियों से होकर फरार हुए उससे लगता है कि इलाके से परिचित किसी व्यक्ति की मदद के बिना यह संभव नहीं था।
फिलहाल पुलिस इस घटना में अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।