कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड मैदान में शनिवार (9 मई) को राज्य की पहली भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। इस समारोह के दौरान शुभेंदु अधिकारी ने बंगाल के 9वें मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और उनके साथ 5 अन्य विधायकों ने भी पद और गोपनियता की शपथ ली।
सोशल मीडिया पर इस शपथ ग्रहण समारोह के अलग-अलग पलों की कई तस्वीरें वायरल हो रही हैं लेकिन इनमें एक वीडियो ऐसा है जिसकी जमकर चर्चा हो रही है।
जनता का आर्शिवाद ही लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी यह वीडियो अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल से शेयर किया है। इस वीडियो में प्रधानमंत्री मंच पर नतमस्तक होकर बंगाल की जनता को प्रणाम करते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो के साथ पीएम मोदी ने कैप्शन में बांग्ला में लिखा है, 'मैं बंगाल की जनशक्ति के सामने नतमस्तक हूं। जनता का आर्शिवाद ही गणतंत्र की वास्तविक शक्ति और जनसंकल्प का महानतम स्रोत है।' इस दौरान जनता भी खुश होकर 'मोदी-मोदी' के नारे लगाती रही।
I bow to West Bengals Jana Shakti!
— Narendra Modi (@narendramodi) May 9, 2026
The peoples blessings are the truest strength of democracy and the noblest source of public resolve. pic.twitter.com/y5oAp7mbez
98 वर्षीय माखनलाल सरकार के छुए पैर
शपथ ग्रहण समारोह के मंच पर पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले वयोवृद्ध नेता माखनलाल सरकार (98) का सम्मान किया। उन्हें शॉल ओढाया और उसके बाद उनके पैर छूकर उनके गले लगे। इसके कुछ देर तक वह माखनलाल सरकार से बात करते हुए नजर आएं। पर आखिर माखनलाल सरकार हैं कौन?
Today, as the first ever BJP Government takes oath in West Bengal, it is natural for all of us to remember Dr. Syama Prasad Mookerjee and his everlasting contribution to the nation and West Bengal in particular. No stone will be left unturned to fulfil his vision.
— Narendra Modi (@narendramodi) May 9, 2026
During the pic.twitter.com/wjze0iEplQ
इस बाबत प्राप्त जानकारी के अनुसार माखनलाल सरकार भाजपा के साथ उस समय से जुड़े हुए हैं जब इस पार्टी का नाम जनसंघ हुआ करता था। उन्होंने बंगाल में भाजपा को जमीनी स्तर पर आगे बढ़ाने में बड़ा योगदान दिया। वह लंबे समय तक गांव-गांव में जाकर पार्टी की विचारधारा को लोगों तक पहुंचाने का काम करते थे।
उनकी मेहनत और संघर्ष की वजह से ही उन्हें याद और सम्मान किया जाता है। इसके साथ ही 1952 में कश्मीर में तिरंगा फहराने के आंदोलन में वह श्यामा प्रसाद मुखर्जी का साथ भी दे चुके हैं। उन्हें श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ गिरफ्तार भी किया जा चुका है।