विधानसभा चुनाव 2026 में तृणमूल कांग्रेस को करारी हार मिली है। जिन नेताओं के हाथ में पार्टी की कमान थी, उनके खिलाफ पार्टी के विभिन्न हिस्सों से आवाजें उठने लगी हैं। नई मंत्रिपरिषद के शपथ ग्रहण के दिन ही तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) ने ‘एकजुट’ होकर विपक्षी दल के रूप में लड़ाई लड़ने का संदेश दिया।
जिस दिन चुनाव का रिजल्ट घोषित हुआ था उस दिन अभिषेक बनर्जी ने चुनाव की ‘पारदर्शिता’ पर सवाल उठाए थे। उन्होंने दावा किया था कि चुनाव आयोग ने ‘निष्पक्षता’ के साथ निर्वाचन का संचालन नहीं किया।
अपने सोशल मीडिया पोस्ट में अभिषेक बनर्जी ने दावा किया था कि तृणमूल को कम से कम 100 विधानसभा सीटों पर 'अनैतिक' रूप से हराया गया है। इसके साथ ही उन्होंने मतदान केंद्रों के सीसीटीवी फुटेज को जारी करने की मांग भी की थी।
आज (शनिवार) को उन्होंने केंद्र और राज्य में विरोधी पार्टी की भूमिका निभाने का संदेश दिया। अपने संदेश में अभिषेक बनर्जी ने कहा कि दोनों जगहों पर ही भाजपा के खिलाफ 'शक्तिशाली, जागरुक और अटल विरोधी पार्टी' की भूमिका तृणमूल निभाएगी।
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चुनाव सम्पन्न होने के बाद ही राज्य के विभिन्न हिस्सों में राजनीतिक हिंसा की खबरें सामने आ रही हैं। उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं को दिए अपने संदेश में कहा कि मैं तृणमूल के प्रत्येक समर्थक और कार्यकर्ता से इस कठिन वक्त में अपना मनोबल अटूट रखने का आह्वान करता हूं। यदि कोई हिंसा, डराने या धमकी का शिकार हो रहा है तो आप विस्तृत तथ्य मेरे साथ साझा करें अथवा मुझे सीधे तौर पर मैसेज भेजे।
गौरतलब है कि तृणमूल को विधानसभा चुनाव में 80 सीटों पर जीत मिली है। विधानसभा में अब तृणमूल विरोधी पार्टी के स्थान पर है। हालांकि विरोधी पार्टी का नेता कौन होगा? इस बाबत तृणमूल की ओर से अभी तक कोई घोषणा नहीं की गयी है।