किसी जमाने में तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी के करीबी रहे शुभेंदु अधिकारी ने भाजपा में शामिल होने के बाद अपनी अलग ही जगह बनायी। आज (9 मई) उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह, जे. पी. नड्डा, लगभग 20 से 23 राज्यों के मुख्यमंत्रियों और बड़ी संख्या में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
भाजपा में शामिल होने के बाद से ही राज्य में पार्टी के विस्तार की दिशा में उन्होंने लगातार काम किया। संभवतः यहीं वजह रही होगी कि अमित शाह के साथ बैठक के दौरान बंगाल के मुख्यमंत्री के तौर पर उनके अलावा और किसी भी व्यक्ति का नाम सामने नहीं आया।
पर भाजपा के प्रमुख नेताओं और खासतौर पर अमित शाह ने क्यों शुभेंदु अधिकारी को ही बंगाल का मुख्यमंत्री चुना?
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आइए इस फैसले के पीछे का Logic समझने की कोशिश करते हैं :-
ममता बनर्जी को दो बार हराना
एक भाजपा नेता से मुख्यमंत्री की कुर्सी तक का सफर शुभेंदु अधिकारी के लिए संभवतः तृणमूल सुप्रीमो को दो बार हराने के बाद ही आसान बन सका। वर्ष 2021 में नंदीग्राम में, यानी शुभेंदु अधिकारी के गढ़ से जब ममता बनर्जी चुनाव लड़ी तब और दूसरी बार 2026 के विधानसभा चुनाव में।
जब शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी के गढ़ यानी भवानीपुर में सेंध लगायी। उनकी इस जीत ने राज्य में राजनीतिक उथल-पुथल मचा दी थी और इसके बाद ही वह राज्य में भाजपा के एक मजबूत नेता के तौर भी उभरकर सामने आएं।
शपथ ग्रहण के बाद प्रधानमंत्री मोदी के साथ मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ANI विकल्प की कमी
हालांकि बंगाल में भाजपा के कई नेता बेहद सक्रिय हैं लेकिन शुभेंदु अधिकारी की राजनीतिक लोकप्रियता के मुकाबले इन सभी नेताओं की लोकप्रियता कम ही मानी जाती है। भाजपा के अन्य सभी नेता जहां अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय और लोकप्रिय हैं वहीं शुभेंदु अधिकारी को हमेशा तृणमूल से सीधे टक्कर लेने वाले एक नेता के रूप में राज्य के सभी हिस्सों में लोकप्रियता मिली। या यूं कहें उन्होंने अपनी इमेज ही कुछ ऐसी बनायी।
घर का भेदी
शुभेंदु अधिकारी के लिए यह एक बड़ी सुविधा की तरह रही है। उन्होंने तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी के साथ एक लंबी पारी खेली है। छात्र जीवन के बाद पहले कांग्रेस और फिर नवगठित तृणमूल के शुरुआत से ही वह इसमें शामिल रहे हैं। इस वजह से माना जाता है कि तृणमूल की हर रणनीति से लेकर आंतरिक सांठगांठ तक, हर चीज का अंदाजा लगाने में शुभेंदु अधिकारी माहिर रहे हैं।
VIDEO | Prime Minister Narendra Modi (@narendramodi) bowed before the people of West Bengal ahead of the swearing-in ceremony of the state’s first BJP-led government.
— Press Trust of India (@PTI_News) May 9, 2026
(Source: Third Party)
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/WIn2y9JfMk
हमेशा आगे बढ़कर बोला हमला
विभिन्न मुद्दों पर शुभेंदु अधिकारी ने हमेशा से ही तत्कालीन सत्ताधारी पार्टी तृणमूल पर हमला बोला है। उनकी यह छवि उन्हें जनता के करीब और विरोधियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने वाले नेता की बनती है। शायद यह भी वजह रही होगी कि भाजपा ने बंगाल के मुख्यमंत्री के तौर पर शुभेंदु अधिकारी के नाम पर मुहर लगाने में कोई देरी नहीं की।
साथ ही शुभेंदु अधिकारी हमेशा भाजपा के आदर्शों की कसौटी पर भी खरे उतरे हैं जिसमें राम-नवमी के अवसर पर भवानीपुर क्षेत्र में रैली निकालना हो या विभिन्न मुद्दों पर तृणमूल के नेताओं और खासतौर पर पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी पर हमला बोलना हो, शामिल है।