शपथ ग्रहण के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) ब्रिगेड परेड ग्राउंड से जोड़ासांको ठाकुर बाड़ी पहुंचे। वहां उन्होंने रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद मीडिया से बात करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि कविगुरु को नमन करके नई सरकार ने जिम्मेदारी संभाली है।
हमने दायित्व ग्रहण किया है। बंगाल और बंगालियों की संस्कृति कविगुरु की चेतना और उनके विचारों के अनुरूप होगी। आज उसकी शुभ शुरुआत हुई है।
इससे पहले 9 मई 2023 को जब केंद्रीय मंत्री अमित शाह जोड़ासांको ठाकुर बाड़ी गए थे, तब उनके साथ तत्कालीन विपक्षी पार्टी के नेता शुभेंदु अधिकारी भी वहां गए थे। उनके साथ भाजपा के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार, भाजपा नेता दिलीप घोष और पूर्व सांसद लॉकेट चटर्जी भी मौजूद थी।
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इसके बाद दो बड़े चुनाव हो चुके हैं। सत्ता परिवर्तन के बाद अब राज्य की बागडोर शुभेंदु अधिकारी के हाथों में आ गई है। तृणमूल कांग्रेस लगातार भाजपा पर ‘बंगाल की अस्मिता’ के विरोधी होने का आरोप लगाती रही है। ठाकुरबाड़ी में खड़े होकर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने उसी का जवाब दिया।
#WATCH | Kolkata: West Bengal CM Suvendu Adhikari says, "The political party based on the ideals of Dr Shyama Prasad Mukherjee doesnt need any certification. I am the Chief Minister now, and I belong to everybody. Those who are still discussing the results, may they be guided by pic.twitter.com/PBMQlFbRAt
” ANI (@ANI) May 9, 2026
उन्होंने कहा कि धोती-कुर्ता पहनने वाले श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बनाए आदर्शों पर आधारित जिस राजनीतिक दल की नींव रखी गई है, उसे किसी से प्रमाणपत्र लेने की आवश्यकता नहीं है। मैं यहां कोई विवादित टिप्पणी नहीं करूंगा। अब मैं मुख्यमंत्री हूं, अब मैं सबका हूं। मैं चाहता हूं कि शुभ बुद्धि का उदय हो। मैं कहूंगा कि जो लोग अब भी आलोचना कर रहे हैं, उनकी चेतना जागृत हो।
भाजपा ने आरोप लगाया था कि कविगुरु के बंगाल में शिक्षा, स्वास्थ्य और संस्कृति के क्षेत्र में राज्य काफी पीछे चला गया है। जनता का विश्वास हासिल करने के बाद अब बंगाल के विकास की जिम्मेदारी भाजपा के हाथों में है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि बंगाल का बहुत नुकसान हो चुका है।
शिक्षा खो गई है। संस्कृति नष्ट हो गई है। हम बंगाल का पुनर्निर्माण करेंगे। हमारे सामने कई जिम्मेदारियां हैं। अभी राजनीतिक बहस और आरोप-प्रत्यारोप का समय नहीं है। जो लोग यह करना चाहते हैं, वे करते रहें, हम आगे बढ़ते रहेंगे।