के तौर पर शांतनु बाला को नियुक्त किया। वहीं दूसरी ओर अवकासप्राप्त IAS अधिकारी सुब्रत गुप्त मुख्यमंत्री के सलाहकार नियुक्त हुए हैं। गौरतलब है कि सुब्रत गुप्त को चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान विशेष पर्यवेक्षक बनाकर भेजा था।
पिछले साल नवंबर में राज्य में SIR की प्रक्रिया शुरू हुई थी। उसी समय सुब्रत गुप्त को विशेष पर्यवेक्षक बनाकर चुनाव आयोग ने बंगाल में भेजा था। बताया जाता है कि SIR की प्रक्रिया संपन्न होने के बाद चुनाव आयोग उनकी भूमिका से संतुष्ट थी।
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इसलिए चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव के दौरान उन्हें विशेष पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी सौंपी थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार मतगणना के अगले दिन ही शुभेंदु अधिकारी खुद पश्चिम बंगाल के CEO मनोज कुमार अग्रवाल के पास गए थे और उनसे पूछा था कि अगर सुब्रत गुप्त को उनका सलाहकार नियुक्त किया जाता है तो क्या उन्हें (CEO) कोई आपत्ति होगी? इसके बाद गत 7 मई को सुब्रत गुप्त को उनकी जिम्मेदारियों से चुनाव आयोग ने मुक्त कर दिया।
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वहीं दूसरी ओर शुभेंदु अधिकारी के सहायक बनने से पहले शांतनु बाला दक्षिण 24 परगना जिले में सहायत जिलाधिकारी (Assit. District Magistrate) के पद पर कार्यरत थे। वह 2017 की बैच के आईएएस अधिकारी हैं। इससे पहले कुचबिहार और मुर्शिदाबाद जिले में भी एडीएम के पद पर काम कर चुके थे।
गौरतलब है कि चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद ही जब राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू हो गयी तब आयोग ने मुख्य सचिव, गृह सचिव समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर रद्द-बदल किया था। वर्तमान में राज्य के मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाला और गृह सचिव संघमित्रा घोष हैं। नई सरकार का गठन हो चुका है। क्या अब इन दोनों पदों पर एक बार फिर से परिवर्तन होगा? यह तो आने वाला समय ही बताएगा।