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आफरीन जाबी ने 7 घंटे 5 मिनट में पार किया पाक जलडमरूमध्य, बनाया रिकॉर्ड

जेलीफिश, अंधेरा और समुद्री चुनौतियों के बीच आफरीन ने दिखाई जबरदस्त हिम्मत।

चेन्नई : पश्चिम मेदिनीपुर की तैराक आफरीन जाबी ने बेहद कम समय में पाक जलडमरूमध्य पार कर नया रिकॉर्ड बना दिया है। उन्होंने केवल 7 घंटे 5 मिनट में 29 किलोमीटर की दूरी तैरकर श्रीलंका के मल्लार से तमिलनाडु के धनुष्कोडी तक पहुंचने का कारनामा कर दिखाया।

इससे पहले भी कई पुरुष और महिला तैराक पाक जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं। किसी को 18 घंटे लगे, किसी को 13 घंटे और किसी को 10 घंटे का समय लगा था। 2 मई को रांची के मात्र 7 वर्षीय बालक इशांक सिंह ने भी पाक जलडमरूमध्य पार कर रिकॉर्ड बनाया था। हालांकि उन्हें यह दूरी पूरी करने में 9 घंटे 50 मिनट लगे थे।

लेकिन 22 वर्षीय आफरीन ने शनिवार तड़के तैराकी शुरू की और महज 7 घंटे 5 मिनट में मल्लार से धनुष्कोडी पहुंचकर सबको चौंका दिया।

इस उपलब्धि से उनकी तैराकी अभियान की जिम्मेदारी संभाल रही संस्था और नाविक भी हैरान रह गए। आफरीन ने बताया कि जब मैं तैराकी खत्म करके धनुष्कोडी के करीब पहुंच गई तब मुझे रिसीव करने वाले लोग तैयार ही नहीं थे। उन्हें जब पता चला कि मैं पहुंच चुकी हूं तो वे बेहद आश्चर्यचकित रह गए। उनका अनुमान था कि मुझे कम से कम 9 से 10 घंटे लगेंगे।

इतनी कम अवधि में सफलता मिलने के पीछे की वजह पर आफरीन ने कहा कि वर्ष 2025 में उन्होंने सफलतापूर्वक इंग्लिश चैनल भी पार किया था। वहां का पानी बेहद ठंडा था लहरें बहुत तेज थीं और जेलीफिश के हमलों से उनका शरीर बुरी तरह प्रभावित हुआ था। भारी तकलीफ के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी।

आफरीन का कहना है कि वही आत्मविश्वास, लगातार अभ्यास और सात समंदर पार करने का जुनून उनकी सफलता की सबसे बड़ी ताकत बना। उन्होंने बताया कि यहां का पानी हल्का गर्म था। ज्यादा ऊंची लहरें नहीं थीं। आखिर में कुछ तेज लहरें मिलीं। मैं जेलीफिश के हमले के लिए भी तैयार थी क्योंकि उसका दर्द बहुत ज्यादा होता है।

तैराकी की शुरुआत के समय उन्हें कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उस समय गहरी रात थी। वह रात करीब ढाई बजे पानी में उतरी थीं। आफरीन ने बताया कि उन्हें दिशा दिखाने के लिए कुल तीन नावें साथ चल रही थीं। इनमें एक बड़ी नाव, एक मध्यम आकार की नाव और एक छोटी नाव शामिल थी जो सबसे ज्यादा उनके करीब चल रही थी।

उसी छोटी नाव से उन्हें भोजन दिया जा रहा था दिशा बताई जा रही थी और लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा था। आफरीन ने कहा कि मैं छोटी नाव की रोशनी देखकर ही आगे बढ़ रही थी। शुरुआत में इसी वजह से थोड़ी परेशानी हुई। लेकिन भोर होने और रोशनी फैलने के बाद वह समस्या खत्म हो गई।

अब आफरीन जाबी का अगला लक्ष्य अमेरिका के कैलिफोर्निया तट पर स्थित कैटालिना चैनल को पार करना है। इसके लिए वह पहले ही बुकिंग प्रक्रिया शुरू कर चुकी हैं। संभावना है कि वह इसी वर्ष जुलाई में फिर से समुद्र में उतरेंगी।

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