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सीएम भजनलाल की बड़ी घोषणा, राजस्थान के सभी जिलों में बनेंगे साइबर पुलिस स्टेशन

सीएम भजनलाल शर्मा ने बड़ी घोषणा की कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों की साइबर सुरक्षा के लिए सजग है। वर्ष 2030 तक समस्त जिलों में साइबर पुलिस स्टेशन स्थापित होंगे।

By लखन भारती

May 10, 2026 11:39 IST

जयपुरः सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि लोक अभियोजक न्याय व्यवस्था की एक अहम कड़ी है, जो विधिक मामलों में राज्य का प्रतिनिधित्व के साथ ही न्याय और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा में भी भूमिका निभाते हैं। सीएम भजनलाल शर्मा ने बड़ी घोषणा की कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों की साइबर सुरक्षा के लिए सजग है। वर्ष 2030 तक समस्त जिलों में साइबर पुलिस स्टेशन स्थापित होंगे।

सीएम भजनलाल ने कहा कि राज्य सरकार तीनों नए आपराधिक कानूनों के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है। पुलिस और अभियोजन को इन कानूनों की पूरी जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। साथ ही, हमारी सरकार ने 42 न्यायालय स्थापित किए हैं। हमने फलौदी, डीडवाना-कुचामन, खैरथल-तिजारा, ब्यावर, बाड़मेर, डीग, कोटपूतली-बहरोड़ एवं सलूंबर में जिला एवं सेशन न्यायालय तथा बड़ी सादड़ी एवं केशोरायपाटन में नियमित अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्यायालय स्थापित किए हैं।

सीएम भजनलाल ने कहा कि झुंझुनूं, प्रतापगढ़, टोंक, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, बारां और सीकर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत विशिष्ट न्यायालय एवं हनुमानगढ़, सवाई माधोपुर, चूरू, बीकानेर तथा जोधपुर में पॉक्सो एक्ट के तहत विशेष न्यायालय एवं एनआई एक्ट के तहत झुंझुनूं में विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय खोले हैं।

सीएम भजनलाल ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि हर व्यक्ति तक सुलभ, त्वरित और पारदर्शी न्याय की पहुंच सुनिश्चित हो। इसी लक्ष्य के साथ राज्य सरकार प्रदेश में संवेदनशील, प्रभावी एवं जनोन्मुखी कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

सीएम भजनलाल शर्मा शनिवार को बिड़ला ऑडिटोरियम में विधि एवं विधिक कार्य विभाग द्वारा लोक अभियोजकों एवं विशेष लोक अभियोजकों के लिए आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बदलते कानूनों और न्यायिक दृष्टिकोणों के अनुरूप अधिकारियों का निरंतर प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है। यह कार्यशाला लोक अभियोजकों को नए आपराधिक कानूनों, साइबर कानूनों तथा दिव्यांगजनों से जुड़े कानूनों के प्रति अधिक जागरूक, संवेदनशील एवं दक्ष बनाएगी।

27 हजार से अधिक लोगों को विधिक सहायता

सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने 27 हजार से अधिक लोगों को विधिक सहायता उपलब्ध करवाई है तथा राजस्थान पीड़ित प्रतिकर स्कीम के तहत 4 हजार पीड़ितों को 85 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है। इसी तरह, 1 लाख 20 हजार विधिक साक्षरता शिविरों के माध्यम से करीब 77 लाख लोग लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार द्वारा न्यायालय भवनों का विडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी सुविधाएं प्रदान करते हुए डिजिटल न्याय प्रणाली को मजबूत किया जा रहा है।

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