नई दिल्लीः पंजाब में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ताजा कार्रवाई और राजनीतिक बयानों को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच तीखा टकराव देखने को मिला है। विवाद तब और बढ़ गया जब AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना मुगल शासक औरंगजेब से कर दी।
केजरीवाल ने पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा पर ED की छापेमारी को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट करते हुए और प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी दलों को डराने और तोड़ने के लिए कर रही है।
अपने बयान में उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की तुलना औरंगजेब से करते हुए कहा कि जैसे मुगल शासक ने देश के हिस्सों पर नियंत्रण किया था, वैसे ही मौजूदा सरकार भी राज्यों पर दबाव बना रही है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में ED की कार्रवाई राजनीतिक दबाव का हिस्सा है।
कई सौ साल पहले औरंगजेब ने अत्याचार करके भारत के कई हिस्सों पर कब्ज़ा कर लिया था.. आज मोदी जी ने भी बेईमानी करके भारत के कई हिस्सों पर कब्ज़ा कर लिया है।
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) May 9, 2026
औरंगजेब के अत्याचारों का हमारे गुरु साहिबान ने डटकर सामना किया और अपनी कुर्बानियाँ दीं।
अब उनकी कुर्बानियों से प्रेरित होकर… pic.twitter.com/QkXToZXfaE
भाजपा ने इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। पार्टी प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने कहा कि केजरीवाल और उनकी पार्टी राजनीतिक रूप से बुरी तरह घबराई हुई है और उन्हें पता है कि पंजाब में उनकी स्थिति कमजोर हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार में कानून-व्यवस्था की स्थिति कमजोर है और नशा, अवैध खनन और अपराध जैसे मुद्दों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही। भाजपा नेता ने कहा कि विपक्षी नेताओं पर कार्रवाई को राजनीतिक रंग देना गलत है।
आर.पी. सिंह ने यह भी दावा किया कि पंजाब में एक राज्यसभा सांसद के खिलाफ फर्जी मामले में कार्रवाई की गई और कुछ उद्योगों व संस्थानों पर भी प्रशासनिक दबाव बनाया गया। इस बीच AAP सांसद राघव चड्ढा ने अपनी ही पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पंजाब में सरकार ने जनता से किए वादों को पूरा करने के बजाय राज्य को आर्थिक संकट की ओर धकेला है।
चड्ढा ने दावा किया कि राज्य पर भारी कर्ज बढ़ा है और सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग के कारण वित्तीय स्थिति बिगड़ गई है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के भीतर ईमानदार आवाजों को दबाया गया।
इधर ED ने संजीव अरोड़ा से जुड़े मामले में पंजाब और चंडीगढ़ में पांच जगहों पर छापेमारी की है। अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक नए मामले की जांच के तहत की गई है। केजरीवाल ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक महीने के भीतर यह दूसरी छापेमारी है और इसका उद्देश्य राजनीतिक दबाव बनाना है।
पंजाब की राजनीति में इस पूरे घटनाक्रम ने सियासी तनाव को और बढ़ा दिया है, जहां आने वाले दिनों में यह मुद्दा और बड़ा राजनीतिक विवाद बन सकता है।