राज्य की प्रशासनिक कमान भाजपा के हाथों में आ चुकी है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पद और गोपनियता की शपथ ले ली है। इसके साथ ही कोलकाता का पुलिस मुख्यालय भी सक्रिय हो गया। सभी थानों को पुराने मामलों की जल्द से जल्द चार्जशीट पेश करने का आदेश दिया है।
कोलकाता पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि पुराने मामलों को अब टाला नहीं जाएगा। जल्द से जल्द चार्जशीट पेश तक मामलों का निपटारा करना होगा।
सत्ता परिवर्तन के बाद एक बार फिर से पुलिस प्रशासन पर आम जनता का भरोसा वापस लौटाने के लिए ही यह निर्देश दिया गया है। कई बार शिकायतें दर्ज की जाती है कि जांच पूरी होने के बावजूद चार्जशीट पेश करने में पुलिस ने देर की है।
इस बदनामी के दाग को मिटाने के लिए ही कोलकाता के सभी थानों को चेतावनी दी गयी है। लालबाजार के एक अधिकारी का कहना है कि जितने भी पुराने लंबित मामले हैं, उन सभी की सूची बनाकर जल्द निपटारा करने के निर्देश दिए गए हैं। लालबाजार की तरफ से कोलकाता के प्रत्येक डिवीजन के डीसी (डेप्यूटी कमिश्नर) को निर्देश दे दिया गया है।
डीसी अब एसी (एसिस्टेंट कमिश्नर), एसी अब थाना के ऑफिसर इनचार्ज (ओसी) को इस बाबत निर्देश जारी करेंगे। इसके साथ ही थाना के ओसी ने विभिन्न मामलों के इनवेस्टिगेटिंग ऑफिसर (आईओ) को जल्द से जल्द चार्जशीट पेश करने का आदेश दिए हैं।
गौरतलब है कि हाल ही में नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की 'क्राइम इन इंडिया 2024' रिपोर्ट जारी हुई जिसके मुताबिक चार्जशीट जमा देने के मामले में पश्चिम बंगाल देश में तीसरे स्थान पर है। पिछले लगभग 3 सालों से पश्चिम बंगाल इसी स्थान पर बना हुआ है। 2024 की रिपोर्ट में पहले स्थान पर केरल और दूसरे पर पुदुचेरी है। वहीं कोलकाता में वार्षिक चार्जशीट जमा होने की दर 88 प्रतिशत है।
इस बारे में कोलकाता पुलिस के एक अधिकारी का कहना है कि चार्जशीट पेश करने में देर होने की वजह से पुलिस की छवि पर इसका असर पड़ता है। चार्जशीट जमा करने में देरी की वजह से न्याय प्रक्रिया भी लंबी खींच जाती है। हालांकि दुष्कर्म और हत्या जैसे गंभीर आरोपों में चार्जशीट पेश करने की दर 95 प्रतिशत है। इसलिए नई सरकार के गठन के बाद पुलिस से तत्परता बढ़ाने का संदेश लालबाजार ने दिया है।