डूंगरपुर/चितरीःराजस्थान में बढ़ते साइबर अपराधों के खिलाफ राजस्थान पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन म्यूल हंटर” के तहत डूंगरपुर पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। चितरी थाना पुलिस ने संगठित साइबर ठगी गिरोह के एक सक्रिय और इनामी सदस्य को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। पुलिस की गिरफ्त में आया आरोपी महावीर सिंह भोले-भाले ग्रामीणों को पैसों का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता था, जिनका उपयोग देशभर में ठगी के पैसों को ठिकाने लगाने के लिए किया जाता था। इस आरोपी पर डूंगरपुर एसपी की ओर से इनाम घोषित था।
चितरी थानाधिकारी रतनलाल जटिया ने बताया कि इस पूरे मामले का खुलासा 18 अप्रैल 2026 को साइबर सेल से मिले एक इनपुट के बाद हुआ। पुलिस ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र के एक संदिग्ध खाते की जांच की, जो भेमई निवासी भरतलाल नाई के नाम पर था। जांच में जो तथ्य सामने आए वह चौंकाने वाले थे। इस अकेले बैंक खाते के खिलाफ जम्मू-कश्मीर से लेकर केरल और गुजरात से लेकर कर्नाटक तक देश के विभिन्न राज्यों में कुल 14 ऑनलाइन शिकायतें दर्ज थीं। इस खाते के जरिए अब तक करीब 50 लाख रुपये का अवैध ट्रांजेक्शन किया जा चुका था।
किराए के खातों का खौफनाक नेटवर्क
पुलिस ने जब इस मामले में पूर्व में भरतलाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो उसने गिरोह के तौर-तरीकों का खुलासा किया। भरतलाल ने बताया कि बांसिया निवासी महावीर सिंह ने उसे 5 हजार रुपये महीने के किराए का लालच देकर बैंक खाता खुलवाया था। खाता खुलते ही महावीर ने उसकी पासबुक, एटीएम, चेक बुक और सिम कार्ड लेकर मुख्य सरगना घनश्याम कलाल को सौंप दिए थे। यह गिरोह ऐसे ही ‘म्यूल अकाउंट्स’ (किराए के खाते) का इस्तेमाल ठगी की रकम को सुरक्षित निकालने और पुलिस की पकड़ से बचने के लिए करता था।
इनामी आरोपी की गिरफ्तारी और तलाश जारी
एसपी डूंगरपुर के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उदयपुर, डूंगरपुर और गुजरात के कई शहरों में लगातार दबिश दी। कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने इनामी आरोपी महावीर सिंह को धर-दबोचा। फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है ताकि गिरोह के पूरे नेटवर्क और अन्य संदिग्ध खातों का पता लगाया जा सके। मामले का मुख्य सरगना घनश्याम कलाल अभी भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का मानना है कि इस गिरफ्तारी से साइबर ठगी के कई अन्य बड़े मामलों का खुलासा हो सकता है।