इस्लामाबाद : पाकिस्तान में लगातार बढ़ती महंगाई के बीच पेट्रोलियम उत्पादों पर बढ़ाए गए भारी टैक्स और लेवी को लेकर जनता का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। पाकिस्तान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन (PPDA) और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने केंद्र सरकार की नई कर नीति की कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि इससे आम लोगों की आर्थिक परेशानियां और बढ़ेंगी।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान सरकार ने 9 मई से संशोधित पेट्रोलियम लेवी लागू की है। इसके तहत पेट्रोल पर 117.41 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल पर 42.60 रुपये प्रति लीटर की लेवी लगाई गई है।
प्रीमियम ईंधन श्रेणी में आने वाले 95 और 97 आरओएन पेट्रोल तथा हाई ऑक्टेन ब्लेंडिंग कंपोनेंट (HOBC) पर यह लेवी 305 रुपये प्रति लीटर से अधिक पहुंच गई है। इसके अलावा अन्य पेट्रोलियम उत्पादों पर भी अतिरिक्त कर लगाया गया है। केरोसिन पर 20.36 रुपये प्रति लीटर, लाइट डीजल ऑयल पर 15.84 रुपये प्रति लीटर और फर्नेस ऑयल पर 77 रुपये प्रति लीटर की लेवी तय की गई है। फर्नेस ऑयल पर यह बोझ प्रति टन 82 हजार रुपये से अधिक बैठ रहा है।
पीपीडीए के उपाध्यक्ष राजा वसीम शहजाद ने सरकार की अप्रत्यक्ष कर नीति की आलोचना करते हुए कहा कि रिकॉर्ड महंगाई के दौर में जनता को राहत देने के बजाय ईंधन को और महंगा बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ईंधन बिक्री में लगातार गिरावट आने से पेट्रोल पंप संचालकों की आर्थिक स्थिति भी खराब हो रही है और कई कारोबारी बढ़ते खर्चों के बीच कारोबार चलाने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने पेट्रोलियम डीलरों के कमीशन में प्रतिशत के आधार पर कोई संशोधन नहीं किया है। खुदरा विक्रेताओं को अभी भी प्रति लीटर तय कमीशन मिल रहा है जबकि बिजली दरों और अन्य उपयोगिता खर्चों में भारी बढ़ोतरी हो चुकी है।
दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष हारूनुर रशीद और सचिव मलिक जाहिद असलम अवान ने भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ताजा बढ़ोतरी पर गंभीर चिंता जताई है। एसोसिएशन ने बयान जारी कर कहा कि ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी से महंगाई का दबाव और बढ़ेगा तथा पहले से आर्थिक संकट झेल रहे नागरिकों की मुश्किलें गहरी होंगी।
एससीबीए ने संघीय सरकार से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में की गई वृद्धि को तुरंत वापस लेने की मांग की है। साथ ही बिजली दरों और जरूरी वस्तुओं की कीमतों में राहत देने के लिए व्यापक कदम उठाने की अपील भी की है।