नई दिल्ली : गुरुग्राम की विशेष अदालत ने पंजाब के मंत्री संजय अरोड़ा को 100 करोड़ रुपये से अधिक के जीएसटी घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की सात दिन की हिरासत में भेज दिया। अरोड़ा को 9 मई को चंडीगढ़ से गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया। गिरफ्तार करने के बाद उन्हें ED हिरासत में पूछताछ के लिए भेजा गया।
ED ने दावा किया है कि अरोड़ा से जुड़े हैमटन स्काई रियल्टी लिमिटेड और अन्य संबद्ध संस्थाओं में तलाशी अभियान चलाया गया। तलाशी के दौरान पाया गया कि HSRL ने 12 मई 2023 से 27 अक्टूबर 2023 के बीच मोबाइल फोन की बिक्री लगभग 157.12 करोड़ रुपये की दिखाई जिसमें से 102.50 करोड़ रुपये की विदेशी बिक्री केवल दो यूएई स्थित कंपनियों Fortbel Telecom FZCO और Dragon Global FZCO को हुई।
ED ने आरोप लगाया कि इन संस्थाओं में अधिकांश आपूर्तिकर्ता कंपनियां नकली डमी या वित्तीय क्षमता रहित थीं और उन्होंने वास्तविक वस्तुओं की आपूर्ति किए बिना ही फर्जी चालान जारी किए। इनमें कई कंपनियों का जीएसटी पंजीकरण रद्द या निलंबित कर दिया गया था।ED ने यह भी कहा कि HSRL के सभी लेन-देन संजय अरोड़ा और उनके परिवार द्वारा नियंत्रित थे जिसमें उनके पुत्र काव्य अरोड़ा को प्रबंध निदेशक के रूप में शामिल किया गया था। अरोड़ा खुद कंपनी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक थे और इसी अवधि में ये कथित अवैध लेन-देन हुए।
ED ने बताया कि विदेशी कंपनियों से प्राप्त धन का एक बड़ा हिस्सा HSRL में उपयोग किया गया या विभिन्न शेल और नकली संस्थाओं को स्थानांतरित किया गया। जांच में यह सामने आया कि ये संस्थाएँ केवल आवासीय प्रविष्टियां और फर्जी चालान बनाने के लिए बनाई गई थी वास्तविक व्यापार संचालन नहीं करती थीं। ED ने 5 मई 2026 को ECIR/HIU-1/14/2026 दर्ज किया और अब मनी लॉन्ड्रिंग फर्जी चालान और संबंधित वित्तीय अपराधों की गहन जांच जारी है।