मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के सहायक चंद्रनाथ रथ (Chandranath Rath Muder Case) की हत्या के मामले में नई जानकारी सामने आयी है। गत गुरुवार की रात को मध्यमग्राम में चंद्रनाथ रथ की हत्या अज्ञात अपराधियों ने कर दी थी। 3 दिन बाद भी इस मामले में अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इस बीच जांच अधिकारियों के हाथ में महत्वपूर्ण सबूत आया है।
मिली जानकारी के अनुसार घटनास्थल के ठीक सामने मौजूद एक बहुमंजिला इमारत की सीसीटीवी फुटेज समेत हार्ड डिस्क अब जांच अधिकारियों के हाथ लगी है। हालांकि हत्यारे किस रुट से भागे थे, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है क्योंकि कई सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे थे।
बताया जाता है कि दोहारिया माठपाड़ा इलाके से सटे जिस रास्ते से अपराधियों के भागने का अनुमान लगाया जा रहा है, उस रास्ते पर कई सीसीटीवी कैमरे काम ही नहीं करते हैं। इस वजह से जांच अधिकारियों को काफी समस्याएं हो रही हैं। कुछ जगहों पर सीसीटीवी कैमरा खराब है तो कहीं बिजली के खंभे पर लगा कैमरा ही दूसरी तरफ घूम गया है। इसलिए अपराधियों की गतिविधि की कोई स्पष्ट तस्वीर अब तक जांच अधिकारियों के हाथ नहीं आयी है।
माठपाड़ा इलाके में भी यहीं तस्वीर सामने आयी है। सड़क के किनारे लगे क्लोज सर्किट कैमरे से भी कोई जानकारी नहीं मिली है क्योंकि उस दिन बारिश हो रही थी। इस वजह से अधिकांश दुकान बंद थे। जांच अधिकारियों का मानना है कि अपराधी अंधेरा होने का ही इंतजार कर रहे थे ताकि जब तेजी से बाइक पर अपराधी भागे तो न तो बाइक की नंबर प्लेट और न ही अपराधियों का चेहरा किसी के सामने आ सकें।
जांच अधिकारियों का अनुमान है कि हत्या की योजना बनाने के लिए अन्य राज्य के शार्प शूटर ने आपस में बातचीत के लिए व्हाट्स ऐप ग्रुप बनाया था लेकिन हत्या के बाद वाली रात से हत्यारे अपने मोबाइल का सिम कार्ड तेजी से बदल रहे हैं। इसलिए टावर लोकेशन ट्रैक करने में भी जांच अधिकारियों को समस्या हो रही है।