मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के सहायक चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने की दिशा में जांच अधिकारी एक कदम और आगे बढ़े हैं। दावा किया जा रहा है कि 'डिजिटल' फुटप्रिंट का सहारा लेकर इस रहस्य की गुत्थी को सुलझाने की कोशिश की जा रही है। जांच अधिकारियों के हाथ पर बाली टोल प्लाजा पर एक तुरुप का इक्का लगा है।
पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि बाली टोल प्लाजा पर UPI से किया गया एक पेमेंट ही जांच अधिकारियों को अपराधियों के दरवाजे पर खड़ा कर देगा।
डिजिटल फुटप्रिंट से कैसे सुलझेगी गुत्थी?
जांच के दौरान अधिकारियों को पता चला कि चंद्रनाथ हत्याकांड के लिए जिस निसान माइक्रा गाड़ी का इस्तेमाल किया गया था, उसने बाली टोल प्लाजा को पार किया था। गाड़ी में मौजूद एक अभियुक्त ने उस समय टोल टैक्स भरने के लिए नगद नहीं बल्कि UPI पेमेंट का इस्तेमाल किया था।
इस डिजिटल लेनदेन के सहारे ही पुलिस के हाथ अभियुक्त का परिचय और मोबाइल नंबर आ चुका है। सिर्फ इतना ही नहीं, बाली टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज पर गाड़ी और उसके सवार की तस्वीर भी कैद हो गयी है।
इस हत्याकांड की जांच में इसे एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। वहीं दूसरी तरफ चंद्रनाथ हत्याकांड में इस्तेमाल हथियार के बारे में भी जांच अधिकारियों को जानकारी मिल चुकी है। बताया जाता है कि ऑस्ट्रिया में बनी ग्लॉक - 47 एक्स पिस्तौल का इस्तेमाल कर चंद्रनाथ रथ की हत्या की गयी थी।
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यह हथियार कहां से आया, इसकी जांच भी शुरू हो चुकी है। जांच अधिकारियों ने इस हत्याकांड के साथ दूसरे देशों के तार जुड़े होने की संभावनाओं से भी इनकार नहीं किया है।
गौरतलब है कि गत 6 मई 2026 की रात को मध्यमग्राम में गोली मारकर चंद्रनाथ रथ को मौत के घाट उतार दिया गया था। भाजपा ने इसे सोची समझी साजिश के तहत अंजाम दी गयी घटना करार दिया था। घटना की जांच के लिए सीआईडी और एसटीएफ की एसआईटी का गठन किया गया है।