मुंबईः नरेन्द्र मोदी की ओर से देशवासियों से फिलहाल सोना खरीद टालने की अपील का असर अब शेयर बाजार में भी साफ दिखाई देने लगा है। सोमवार को ज्वेलरी सेक्टर के शेयरों में भारी बिकवाली दर्ज की गई। कारोबार शुरू होते ही कई प्रमुख ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली और कुछ स्टॉक 12 प्रतिशत तक टूट गए।
विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों को आशंका है कि अगर आने वाले महीनों में सोने की मांग कम होती है, तो ज्वेलरी कंपनियों की बिक्री और कमाई प्रभावित हो सकती है। इसी वजह से बाजार में ज्वेलरी स्टॉक्स पर दबाव बढ़ गया।
किन कंपनियों के शेयर सबसे ज्यादा टूटे?
सोमवार के कारोबारी सत्र में ज्वेलरी सेक्टर के लगभग सभी बड़े शेयर लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए। स्काई गोल्ड के शेयर में सबसे ज्यादा करीब 12.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। सेनको गोल्ड का शेयर लगभग 10.7 प्रतिशत टूट गया। कल्याण ज्वेलर्स इंडिया के शेयर करीब 8.3 प्रतिशत नीचे आ गए। टाइटन कंपनी के शेयरों में करीब 6.3 प्रतिशत की कमजोरी रही। पीसी ज्वेलर्स का शेयर लगभग 5 प्रतिशत गिरा। पीएन गाडगिल ज्वेलर्स में करीब 7 प्रतिशत और त्रिभुवनदास भीमजी जावेरी के शेयर में लगभग 6.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई।
क्यों बढ़ा ज्वेलरी सेक्टर पर दबाव?
पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा दिया है। इसके साथ ही डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी ने भारत जैसे आयात-निर्भर देशों की चिंता और बढ़ा दी है।
भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना आयातक देशों में शामिल है। सोने के आयात पर बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च होती है। ऐसे में यदि देश में सोने की खरीद घटती है, तो विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कुछ कम हो सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इसी पृष्ठभूमि में लोगों से अपील की थी कि वे फिलहाल अनावश्यक सोना खरीदने से बचें और विदेशी मुद्रा बचाने में योगदान दें।
निवेशकों को किस बात का डर?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, प्रधानमंत्री की अपील के बाद निवेशकों को यह आशंका सताने लगी है कि आने वाले समय में ज्वेलरी की मांग कमजोर पड़ सकती है। यदि ऐसा होता है, तो ज्वेलरी कंपनियों की बिक्री, मुनाफा और विस्तार योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं।
यही वजह है कि निवेशकों ने एहतियात के तौर पर ज्वेलरी सेक्टर के शेयरों में बिकवाली शुरू कर दी। बाजार में बनी नकारात्मक धारणा का असर इन कंपनियों के स्टॉक्स पर साफ दिखाई दिया।
शेयर बाजार में भी दिखी कमजोरी
ज्वेलरी सेक्टर के अलावा सोमवार को पूरे शेयर बाजार में दबाव बना रहा। कारोबार के दौरान सेंसेक्स करीब 884 अंक नीचे कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी50 में लगभग 235 अंकों की गिरावट दर्ज की गई।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितता, तेल कीमतों में तेजी और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के कारण बाजार का सेंटीमेंट कमजोर बना हुआ है। प्रधानमंत्री की अपील ने सिर्फ उपभोक्ता व्यवहार ही नहीं, बल्कि निवेशकों की धारणा पर भी असर डाला है। बाजार को डर है कि अगर सोने की मांग कमजोर होती है, तो ज्वेलरी उद्योग की ग्रोथ प्रभावित हो सकती है। यही कारण है कि सोमवार को ज्वेलरी शेयरों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
(समाचार एई समय किसी भी प्रकार का निवेश करने की सलाह नहीं देता है। शेयर बाजार या किसी भी क्षेत्र में निवेश जोखिम के अधीन है। निवेश से पहले उचित अध्ययन और विशेषज्ञ की सलाह लेना आवश्यक है। यह खबर केवल शैक्षिक और जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।)