कोलकाताः पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के बाद विभागों का बंटवारा पूरा होते ही मंत्रियों ने औपचारिक रूप से अपने-अपने दफ्तरों में कार्यभार संभाल लिया है। जिम्मेदारी मिलते ही सभी मंत्रियों ने स्पष्ट कर दिया कि अब शासन व्यवस्था पूरी तरह सख्त और जवाबदेह तरीके से चलेगी। सरकार ने ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई का संकेत दिया है।
पंचायत विभाग की कमान संभालने के बाद दिलीप घोष (Dilip Ghosh) ने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने माना कि विभाग में लंबे समय से भर्तियां नहीं हुई हैं और कर्मचारियों की कमी एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने संकेत दिया कि अब पंचायत स्तर पर कामकाज को मजबूत करने और व्यवस्था में पारदर्शिता लाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
महिला एवं बाल कल्याण विभाग की जिम्मेदारी संभालने वाली अग्निमित्रा पॉल (Agnimitra Paul) ने महिलाओं की सुरक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ किसी भी तरह की घटना पर सख्त कार्रवाई होगी और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि महिला शिकायतों पर अब एफआईआर दर्ज करने में कोई देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के मंत्री अशोक कीर्तनिया (Ashok Kirtania) ने राशन वितरण व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि विभाग की पूरी समीक्षा एक सप्ताह के भीतर की जाएगी और इसके बाद दोषियों पर कार्रवाई शुरू होगी। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि जून से उपभोक्ताओं को बेहतर गुणवत्ता का राशन उपलब्ध कराया जाएगा।
अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के मंत्री खुदीराम टुडू (Khudiram Tudu) ने फर्जी जाति प्रमाणपत्रों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि गलत दस्तावेजों के आधार पर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वालों की पहचान कर उनके सभी लाभ रद्द किए जाएंगे।
नई सरकार की ओर से साफ कर दिया गया है कि अब प्रशासनिक व्यवस्था में ढिलाई और लापरवाही के लिए कोई जगह नहीं होगी। सभी विभागों में कामकाज की निगरानी तेज कर दी गई है और आने वाले दिनों में कई बड़े फैसले देखने को मिल सकते हैं।