मुंबई : केंद्रीय मंत्री रामदास आठवाले ने मंगलवार को मुंबई में मेट्रो ट्रेन का उपयोग किया और जनता से ईधन बचाने के लिए सार्वजनिक परिवहन का प्रयोग करने का आग्रह किया। यह कदम उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जारी की गई सादगी और आर्थिक मजबूती की अपील का समर्थन करते हुए उठाया।
आठवाले ने बीकेसी से विधान भवन तक मेट्रो यात्रा के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पीएम मोदी की अपील को राजनीतिक रंग देना सही नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि पीएम द्वारा सुझाए गए उपाय देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से हैं।उन्होंने कहा मैने व्यक्तिगत रूप से यह निर्णय लिया है कि पेट्रोल और डीजल बचाने के दृष्टिकोण से मेट्रो से यात्रा करना आवश्यक है। कई अन्य लोगों को भी मेट्रो का प्रयोग करना चाहिए और ईंधन बचाने में मदद करनी चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी ने ईंधन के विवेकपूर्ण उपयोग, सोने की खरीद को स्थगित करने, विदेशी यात्रा में कटौती और अन्य उपायों की सलाह दी थी ताकि देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हो और पश्चिम एशिया संकट के प्रतिकूल प्रभाव से लोगों की रक्षा हो सके। पीएम ने शहरों में मेट्रो सेवाओं के उपयोग, कारपूलिंग, इलेक्ट्रिक वाहनों का अधिकतम उपयोग, रेलवे पार्सल सेवाओं का प्रयोग और घर से काम करने जैसी व्यवस्थाओं को बढ़ावा देने का सुझाव दिया। आठवाले ने कहा कि पीएम की अपील का सकारात्मक जवाब देना हर किसी का कर्तव्य है और दावा किया कि कई लोग पहले से ही इसका समर्थन कर रहे हैं।
एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने मंगलवार को कहा कि पीएम की सादगी की अपील का अर्थव्यवस्था पर दूरगामी असर पड़ने की संभावना है और उन्होंने सभी दलों की बैठक बुलाने की मांग की। इस पर आठवाले ने कहा कि पवार सीधे पीएम से अपनी राय साझा कर सकते है बजाय विपक्षी दलों की बैठक की मांग के। केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्य मंत्री आठवाले ने कहा शरद पवार और प्रधानमंत्री के बीच बहुत अच्छे संबंध हैं। अगर उनके पास कोई सुझाव है तो वे सीधे पीएम से बात कर सकते हैं।
आठवाले ने यह भी कहा कि मंत्रालय ऑनलाइन बैठकों और घर से काम करने जैसी प्रक्रियाओं को अपनाने पर विचार कर रहा है ताकि खर्चों में कटौती हो सके। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री की अपील के बाद हमारा मंत्रालय यह सोचेगा कि पैसा कैसे बचाया जा सकता है और जहां संभव हो, घर से काम किया जा सकता है। सभी मंत्रालयों को यात्रा कम करने और वर्क-फ्रॉम-होम को बढ़ावा देने पर विचार करना चाहिए।
प्रधानमंत्री की आगामी यूरोप यात्रा पर उठाए गए सवालों पर आठवाले ने कहा कि यह दौरा भारत की अर्थव्यवस्था और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से है। उन्होंने कहा, "यह यात्रा पर्यटन के लिए नहीं है। इसका मकसद देखना है कि यूरोप भारत की आर्थिक मदद कैसे कर सकता है और व्यापारिक लेन-देन कैसे बढ़ा सकता है।
एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे की आलोचना पर कि पीएम को केवल 'मन की बात' के माध्यम से ही नहीं, बल्कि अर्थशास्त्रियों की सुननी चाहिए, आठवाले ने कहा कि पीएम की अपील स्वयं ही व्यर्थ खर्च को रोकने और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए है। उन्होंने कहा उन्होंने अनावश्यक खर्च से बचने और उद्योगों में निवेश करने, रोजगार सृजन करने और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की अपील की है। हम आलोचना पर ध्यान नहीं दे रहे। हमारा फोकस देश को मजबूत करने और गरीब तथा बेरोजगारों की मदद करने पर है।कांग्रेस नेता नाना पाटोले की टिप्पणी पर कि मंत्रियों को सादगी की सलाह देने से पहले अपने काफिले को कम करना चाहिए आठवाले ने कहा कि काफिले का आकार पहले ही कम किया जा चुका है।