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केरल में मुस्लिम गर्ल्स स्कूल में को-एजुकेशन की मंजूरी, हाईकोर्ट ने स्थगन खारिज किया

स्थानीय प्रशासन की मंजूरी नहीं मिली तो भी स्कूल शुरू कर सकता है को-एजुकेशन

तिरुवनंतपुरम : केरल के कोट्टायम जिले के एराटुपेट्टार में स्थित ‘मुस्लिम गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल’ में अब लड़के भी पढ़ सकेंगे। हाईकोर्ट की डिविजन बेंच ने इस संबंध में सिंगल बेंच द्वारा दिए गए निर्णय पर स्थगन (इंजंक्शन) देने से इनकार कर दिया है। इस प्रकार स्कूल में ‘को-एजुकेशन’ यानी छात्र और छात्राएँ दोनों के लिए शिक्षा व्यवस्था लागू करने का निर्देश फिलहाल बरकरार रहेगा।

जानकारी के अनुसार स्कूल ने 2026-27 शैक्षणिक सत्र से को-एजुकेशन शुरू करने की अनुमति के लिए केरल हाईकोर्ट का रुख किया था। केरल राज्य सरकार के सर्कुलर के अनुसार, को-एजुकेशन शुरू करने के लिए स्थानीय प्रशासन की मंजूरी आवश्यक थी। लेकिन 28 अप्रैल को न्यायाधीश के. वी. जॉयकुमार की सिंगल बेंच ने कहा कि स्थानीय प्रशासन को ऐसी शक्ति देना तानाशाही के समान है।

न्यायाधीश के. वी. जॉयकुमार ने निर्देश दिया कि यह आदेश प्राप्त होने के तीन दिनों के भीतर स्थानीय नगरपालिका को इस मामले पर निर्णय लेना होगा। यदि नगरपालिका किसी निर्णय पर नहीं पहुँचती है, तो स्कूल प्रशासन बिना अनुमति के को-एजुकेशन शुरू कर सकता है।

डिविजन बेंच का निर्णय

सिंगल बेंच के आदेश पर स्थगन की मांग करते हुए के. ए. मोहम्मद आशरफ ने केरल हाईकोर्ट की डिविजन बेंच में अपील दायर की थी। मंगलवार को न्यायाधीश ए. बदरुद्दीन और न्यायाधीश मुरली कृष्ण एस की अवकाशकालीन बेंच ने इस स्थगन आवेदन को खारिज कर दिया।

बेंच ने स्पष्ट किया कि यह अनुमति केवल अस्थायी है और मुख्य मामला अभी चल रहा है। मुख्य मामले के अंतिम निर्णय के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। इसका अर्थ यह है कि स्कूल फिलहाल से ही लड़के और लड़कियों को साथ पढ़ा सकता है, लेकिन अगर अंतिम निर्णय स्कूल के खिलाफ आता है तो अब तक किए गए सभी कदम रद्द कर दिए जाएंगे। मुख्य मामले की अगली सुनवाई 21 मई को होगी।

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