कोलकाता : रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ लगातार जीत की लय टूटने के बाद कोलकाता नाइट राइडर्स की प्लेऑफ की राह अब बेहद कठिन हो गई है। कहा जा रहा है कि केकेआर को केवल आरसीबी ने नहीं बल्कि विराट कोहली की शानदार बल्लेबाजी ने हराया। आईपीएल में प्लेऑफ की दौड़ के दौरान एक हार किसी भी टीम को काफी पीछे धकेल देती है और फिलहाल केकेआर की स्थिति भी कुछ ऐसी ही दिखाई दे रही है।
अंक तालिका में इस समय आठवें स्थान पर मौजूद कोलकाता नाइट राइडर्स के सामने अब मुश्किल चुनौती है। टीम के पास अभी तीन मुकाबले बाकी हैं और तीनों मैच उसे अपने घरेलू मैदान ईडन गार्डन्स में खेलने हैं।
केकेआर का अगला मुकाबला 16 मई को गुजरात टाइटंस से होगा। इसके बाद 20 मई को टीम मुंबई इंडियंस का सामना करेगी और 24 मई को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ खेलेगी। यदि कोलकाता नाइट राइडर्स अपने बाकी बचे तीनों मैच जीत लेती है तो टीम अधिकतम 15 अंकों तक पहुंच सकती है। फिलहाल टीम के खाते में 9 अंक माने जा रहे हैं।
हालांकि केवल 15 अंक हासिल कर लेना ही प्लेऑफ में पहुंचने की गारंटी नहीं है।
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस दोनों के पास फिलहाल 16-16 अंक हैं। इन दोनों टीमों के अभी दो-दो मुकाबले बाकी हैं। ऐसे में वे या तो 16 अंकों पर रहेंगी या उससे आगे निकल जाएंगी।
इसके बाद सनराइजर्स हैदराबाद 14 अंकों के साथ मौजूद है जबकि पंजाब किंग्स के पास 13 अंक हैं। चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स के खाते में 12-12 अंक हैं। इन सभी टीमों के पास 16 से 19 अंकों तक पहुंचने की संभावना बनी हुई है।
मौजूदा स्थिति को देखते हुए कम से कम चार टीमें 15 या उससे अधिक अंक तक पहुंच सकती हैं। ऐसे में अगर केकेआर भी 15 अंकों तक पहुंचती है तब भी उसे नेट रन रेट पर निर्भर रहना पड़ सकता है।
इस समय कोलकाता नाइट राइडर्स का नेट रन रेट -0.198 है जो टीम के लिए चिंता का बड़ा कारण बना हुआ है। इसलिए केवल जीत हासिल करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि टीम को अपने बाकी तीनों मुकाबले बड़े अंतर से जीतने होंगे ताकि नेट रन रेट में सुधार हो सके।
आरसीबी के खिलाफ मुकाबले से पहले केकेआर की प्लेऑफ में पहुंचने की संभावना लगभग 20 प्रतिशत मानी जा रही थी। लेकिन इस हार के बाद वह संभावना काफी कम हो गई है।
अब स्थिति ऐसी बन गई है कि किसी चमत्कार के बिना केकेआर का प्लेऑफ में पहुंचना बेहद मुश्किल माना जा रहा है। टीम को न सिर्फ लगातार तीन जीत दर्ज करनी होंगी, बल्कि बड़े अंतर से जीत भी हासिल करनी होगी। मौजूदा प्रदर्शन को देखते हुए यह कितना संभव है यही सबसे बड़ा सवाल बन गया है।
सीजन के अंतिम चरण में केकेआर के सामने अब असली परीक्षा है। हालांकि टीम के समर्थकों को बहुत अधिक उम्मीदें नहीं रखने की सलाह दी जा रही है।