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मोहन बागान क्लब पहुंचकर सौरव गांगुली ने टुटू बोस के पार्थिव शरीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

दिग्गज खेल हस्तियों के एक-एक कर विदा होने पर सौरव ने जताया गहरा दुख।

कोलकाता : टुटू बोस के निधन से कोलकाता का मैदान इलाका शोक में डूब गया है। फुटबॉल से लेकर क्रिकेट और अन्य खेल जगत तक गहरा दुख फैल गया है। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद खेल जगत में एक खालीपन महसूस किया जा रहा है। उनके पार्थिव शरीर को पहले उनके आवास, फिर भवानीपुर क्लब और उसके बाद मोहुन बागान क्लब लाया गया। वहां श्रद्धांजलि देने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (सीएबी) के अध्यक्ष सौरव गांगुली भी वहां मौजूद थे। श्रद्धांजलि देने के बाद उनकी आवाज में भावनाएं साफ झलक रही थीं।

सौरव गांगुली ने कहा कि मोहुन बागान क्लब का नाम आते ही टुटू बोस याद आते हैं। उस समय फुटबॉल में मोहुन बागान को आगे ले जाने की जरूरत थी और टुटूदा हमेशा वहां मौजूद रहते थे। उम्र बढ़ने के साथ इंसान का काम कम हो जाता है। मैं उनकी आत्मा की शांति की कामना करता हूं। मैं टुटू बोस को व्यक्तिगत रूप से जानता था। वह मोहुन बागान के लिए पूरी तरह समर्पित व्यक्ति थे। टुम्पाई, टुबलाई और उनका पूरा परिवार भी क्लब से जुड़ा हुआ है।

सौरव गांगुली की बातों में बार-बार पुराने दिनों की यादें लौटती रहीं। मोहुन बागान के लिए खेलना, फुटबॉल देखना और क्लब के भीतर के अनगिनत अनुभव - इन सबके साथ टुटू बोस की गहरी मौजूदगी जुड़ी हुई थी।

उन्होंने कहा कि मैं उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानता था। उनसे जुड़ी बहुत सारी यादें हैं। जीवनभर कोई हमेशा साथ नहीं रहता… पल्टूदा, टुटूदा, चुनी गोस्वामी- एक-एक कर सभी चले जा रहे हैं।

सौरव गांगुली के साथ इस दौरान लक्ष्मीरतन शुक्ला और क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (सीएबी) के कई पदाधिकारी भी टुटू बोस को श्रद्धांजलि देने पहुंचे। इसके अलावा समाज के विभिन्न वर्गों के लोग भी वहां उपस्थित थे। ईस्ट बंगाल और मोहम्मडन क्लब की ओर से भी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

सुबह से ही कई राजनीतिक हस्तियां और मंत्री टुटू बोस को अंतिम श्रद्धांजलि देने पहुंचे। कुल मिलाकर उनके निधन ने पूरे कोलकाता को भावनात्मक रूप से एकजुट कर दिया।

विधानसभा में विधायकों के शपथ ग्रहण कार्यक्रम के बावजूद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी समय निकालकर श्रद्धांजलि देने पहुंचे।

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