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तमिलनाडु में विजय सरकार ने जीता विश्वासमत, 144 विधायकों का मिला समर्थन

विधानसभा में टीवीके की ताकत बढ़ी, एआईएडीएमके के बागी विधायकों ने बदला समीकरण

By डॉ. अभिज्ञात

May 13, 2026 17:34 IST

चेन्नई:चेन्नई में विधानसभा के भीतर हुए शक्ति परीक्षण में टीवीके सरकार को 144 विधायकों का समर्थन मिला। इसके साथ ही विजय के नेतृत्व वाली सरकार ने आसानी से विश्वासमत हासिल कर लिया।

विधानसभा में विजय ने उन सभी विधायकों का आभार जताया जिन्होंने सरकार के पक्ष में मतदान किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी एक ऐसी लोकतांत्रिक सरकार चलाएगी जो आम लोगों के हितों के लिए काम करेगी।

विजय ने अपनी पार्टी की तेज राजनीतिक उभर को “व्हिसल क्रांति” करार देते हुए कहा कि पार्टी बनने के महज तीन वर्षों के भीतर टीवीके को 34.92 प्रतिशत वोट मिले, जो 1 करोड़ 72 लाख 26 हजार 208 मतों के बराबर हैं। उन्होंने कहा कि बिना किसी गठबंधन के चुनाव लड़ते हुए टीवीके राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 1967 और 1977 की तरह 2026 में भी जनता ने एक आम लोगों की सरकार को सत्ता सौंपी है। उनके मुताबिक, जनता ने टीवीके पर भरोसा जताया और वही भरोसा जीत में बदल गया।

“अल्पमत सरकार” वाले हमले पर विजय का जवाब

विपक्ष द्वारा सरकार को अल्पमत सरकार कहे जाने पर विजय ने कहा कि अगर उनकी सरकार को अल्पमत सरकार कहा जाता है तो उन्हें इस पर गर्व है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही यह सरकार महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों, युवाओं, सरकारी कर्मचारियों, शिक्षकों और मजदूर वर्ग के लिए भी काम करेगी।

विजय ने अपनी सरकार की वैचारिक दिशा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि टीवीके की नीतियों को पेरियार, कुमारस्वामी कामराज, भीमराव आंबेडकर, वीरमंगई वेलुनाचियार और अंजलाई अम्माल जैसे नेताओं के विचारों से प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार सामाजिक न्याय, समान अवसर और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के आधार पर काम करेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी सरकार उन लोगों में कोई भेदभाव नहीं करेगी जिन्होंने टीवीके को वोट दिया और जिन्होंने नहीं दिया। उन्होंने दावा किया कि यह सरकार जाति और धर्म से ऊपर उठकर सभी लोगों के लिए काम करेगी तथा किसी के साथ राजनीतिक बदले की भावना नहीं रखेगी।

अपने संबोधन में विजय ने कहा कि यह सरकार सत्ता या पद के लिए नहीं, बल्कि जनता के विश्वास का सम्मान करने के लिए बनाई गई है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार डर पैदा करने वाली नहीं, बल्कि सबको साथ लेकर चलने वाली सरकार होगी।

एआईएडीएमके संकट में, बागी विधायकों के समर्थन से बदला राजनीतिक माहौल

विधानसभा में टीवीके और उसके सहयोगियों के पास कुल 120 विधायकों का समर्थन था। हालांकि विश्वासमत में 144 वोट मिलने से यह साफ हो गया कि एआईएडीएमके के कुछ बागी विधायकों ने पार्टी व्हिप की अवहेलना करते हुए विजय सरकार का समर्थन किया। दूसरी ओर 22 विधायकों ने सरकार के खिलाफ मतदान किया, जबकि पांच सदस्य मतदान से दूर रहे। टीवीके को कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और विदुथलाई चिरुथिगल कच्ची के विधायकों का समर्थन मिला। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के दो विधायकों ने भी सरकार के पक्ष में मतदान किया। इसके अलावा अम्मा मक्कल मुनेत्र कझगम से निष्कासित विधायक कामराज ने भी टीवीके का समर्थन किया।

इस बीच एआईएडीएमके महासचिव ईडप्पडी के. पलानीस्वामी ने दावा किया था कि उनकी पार्टी के सभी 47 विधायक टीवीके सरकार के खिलाफ वोट करेंगे। लेकिन विधानसभा में एआईएडीएमके के भीतर ही टकराव देखने को मिला। पूर्व मंत्री और विधायक एस. पी. वेलुमणि ने सदन में अपनी बात रखी, जिसका पलानीस्वामी समर्थक विधायकों ने विरोध किया।

उधर द्रविड़ मुनेत्र कषगम यानी डीएमके के विधायकों ने मतदान के दौरान सदन से बहिर्गमन किया। विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने टीवीके पर तंज कसते हुए कहा कि उसने डीएमके के सहयोगी दलों को अपने साथ मिला लिया है। उन्होंने कहा, “हम सदन से बाहर जा रहे हैं। अब आपको बहुमत मिल जाएगा। इस बहुमत के साथ अच्छी सरकार चलाइए और हमारी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का राजनीतिक इस्तेमाल मत कीजिए।”

तमिलनाडु की राजनीति में यह चुनाव इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि लंबे समय से चले आ रहे डीएमके और एआईएडीएमके के पारंपरिक मुकाबले के बीच टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।

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