नई दिल्लीः सोने और चांदी पर आयात शुल्क में भारी बढ़ोतरी के बाद देश की जांच एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई हैं। राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) और सीमा शुल्क विभाग ने अंतरराष्ट्रीय सीमाओं, हवाई अड्डों और समुद्री मार्गों पर निगरानी को और सख्त करने का निर्णय लिया है।
अधिकारियों के अनुसार, बढ़े हुए आयात शुल्क के बाद अवैध सोना कारोबार और तस्करी नेटवर्क के सक्रिय होने की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। अब निगरानी सिर्फ सीमाओं तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि देश के भीतर सक्रिय उन नेटवर्क्स पर भी नजर रखी जाएगी जो तस्करी के सोने के वितरण में शामिल होते हैं।
सरकारी रणनीति का मुख्य उद्देश्य पूरी सप्लाई चेन को बाधित करना है। इसके तहत सीमा पार से सक्रिय संगठित गिरोह, कैरियर नेटवर्क और विदेशी सिंडिकेट की पहचान कर उन पर कार्रवाई की जाएगी। खुफिया जानकारी के आधार पर निगरानी और त्वरित कार्रवाई को अभियान का केंद्र बनाया गया है।
1 मई से लागू नई व्यवस्था के तहत सोने और चांदी पर आयात शुल्क 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है। वहीं प्लेटिनम पर भी शुल्क बढ़ाकर 15.4 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके अलावा गोल्ड और सिल्वर डोरे, सिक्कों और अन्य संबंधित उत्पादों पर भी संशोधित दरें लागू की गई हैं।
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि आयात शुल्क और तस्करी के बीच सीधा संबंध नहीं होता, लेकिन अधिक शुल्क से अवैध बाजार की गतिविधियों में वृद्धि की संभावना जरूर बढ़ जाती है।
आंकड़ों के मुताबिक, सोने की तस्करी का सबसे ज्यादा प्रभाव महाराष्ट्र, तमिलनाडु, गुजरात और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में देखा जाता है। तस्करी के लिए अक्सर पड़ोसी देशों से लगे संवेदनशील और दुर्गम सीमावर्ती क्षेत्रों का इस्तेमाल किया जाता है।
रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल से अक्टूबर 2025 के बीच DRI और कस्टम्स ने 260 किलोग्राम से अधिक सोना जब्त किया है, जिसकी कीमत 254 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई गई है। वहीं वित्त वर्ष 2024-25 में कुल 2,600 किलोग्राम सोना जब्त किया गया और 533 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
एजेंसियों का कहना है कि विशेष रूप से पूर्वोत्तर भारत के राज्य और बांग्लादेश, म्यांमार, नेपाल तथा चीन से लगे सीमावर्ती क्षेत्र तस्करी के प्रमुख रूट बने हुए हैं, जहां निगरानी और मजबूत की जा रही है।
सरकारी एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि आने वाले समय में खुफिया आधारित अभियान और तेज किए जाएंगे, ताकि तस्करी नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।