नई दिल्ली : ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची गुरुवार को तीन दिन की भारत यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे। वह ब्रिक्स समूह के विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने आए हैं। हालांकि उनकी इस यात्रा के दौरान जिस विमान का उपयोग किया गया उसका नाम चर्चा का विषय बन गया। अराघची जिस विमान से दिल्ली पहुंचे उसका नाम ‘मिनाब168’ रखा गया था।
यह नाम ईरान के मिनाब शहर में हुए उस हमले की याद दिलाता है जिसमें ईरान के अनुसार 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में एक प्राथमिक विद्यालय तबाह हो गया था। ईरान का दावा है कि मिसाइल हमले में कम से कम 168 स्कूली बच्चों की मौत हुई थी।
इस घटना के कुछ दिनों बाद ईरानी विदेश मंत्री ने सामाजिक मंच पर सामूहिक कब्र की तस्वीर साझा करते हुए आरोप लगाया था कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सेना ने बच्चों की निर्ममता से हत्या की।
इसके बाद पाकिस्तान में ईरान और अमेरिका के बीच हुई शांति वार्ता के समय भी ईरान ने इस घटना को प्रमुखता से उठाया था। उस दौरान प्रतिनिधिमंडल का नाम भी ‘मिनाब168’ रखा गया था। विमान की खाली सीटों पर खून से सने स्कूल बैग, बच्चों के जूते, सफेद फूल और स्कूली छात्रों की तस्वीरें रखकर अमेरिका और इजरायल के खिलाफ विरोध जताया गया था। अब भारत यात्रा में भी विमान को यही नाम देकर ईरान ने एक बार फिर उस घटना की ओर दुनिया का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की है।
पश्चिम एशिया में पिछले दो महीनों से जारी तनाव के बाद यह पहला मौका है जब ईरान किसी बड़े कूटनीतिक मंच की बैठक में शामिल हो रहा है। भारत में आयोजित ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक दो दिनों तक चलेगी।
नई दिल्ली प्रवास के दौरान अराघची की मुलाकात भारत के विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर से भी होने वाली है। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की संभावना है।
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सामाजिक मंच ‘एक्स’ पर ईरानी विदेश मंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए उनका नई दिल्ली आगमन महत्वपूर्ण है।