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मितव्ययिता पहल: पीएम मोदी ने घटाया काफिला, यूपी-एमपी समेत कई राज्यों ने भी कम किए सरकारी वाहन

PM मोदी की इलेक्ट्रिक वाहन, कारपूलिंग और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की दी सलाह

By डॉ. अभिज्ञात

May 13, 2026 21:40 IST

नई दिल्लीःप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मितव्ययिता अपनाने और लोगों से ईंधन से चलने वाले वाहनों का उपयोग कम करने की अपील करने के कुछ दिनों बाद अपने काफिले के आकार में बड़ी कटौती की है। कई भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी अपने-अपने सरकारी काफिलों और वाहन उपयोग को सीमित करने के कदम उठाए हैं। सरकारी सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री के हालिया घरेलू दौरों के दौरान उनके काफिले में वाहनों की संख्या घटाई गई। हालांकि, एसपीजी सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत आवश्यक सुरक्षा इंतजाम पूरी तरह बनाए रखे गए।

बताया गया कि हैदराबाद में दिए गए प्रधानमंत्री के भाषण के तुरंत बाद गुजरात और असम दौरों में उनके काफिले का आकार कम किया गया। अपने संबोधन में मोदी ने सादगी और संसाधनों के संयमित उपयोग से जुड़े कई सुझाव दिए थे। सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री ने यह भी निर्देश दिया है कि जहां संभव हो, उनके काफिले में इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल किया जाए। इसके लिए नए वाहन खरीदने के बजाय उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करने पर जोर दिया गया है।

प्रधानमंत्री की अपील के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री और मंत्रियों के साथ चलने वाले वाहनों की संख्या में तत्काल 50 प्रतिशत कटौती के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों का हवाला देते हुए लोगों से ईंधन की बचत करने और अनावश्यक रूप से सोने की खरीदारी से बचने की अपील भी की।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्य सचिव, डीजीपी, अतिरिक्त मुख्य सचिवों और विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिवों के साथ बैठक करते हुए राज्यभर में प्रधानमंत्री की मितव्ययिता संबंधी अपील को व्यवहारिक रूप से लागू करने का आह्वान किया। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी अपने काफिले में न्यूनतम वाहनों के उपयोग की घोषणा की है। उन्होंने अपने मंत्रिमंडल सहयोगियों से भी इसी नीति का पालन करने को कहा। साथ ही आम लोगों से सार्वजनिक परिवहन का अधिक इस्तेमाल करने की अपील की।

मोहन यादव ने कहा कि अगले आदेश तक सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उनके काफिले में न्यूनतम वाहन रहेंगे और किसी तरह की वाहन रैली आयोजित नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सभी मंत्री यात्रा के दौरान सीमित संख्या में वाहनों का उपयोग करेंगे। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी मंत्रियों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले सरकारी वाहनों की संख्या तय करने का निर्णय लिया है। उन्होंने राजधानी के लोगों से निजी वाहनों की जगह बसों और मेट्रो सेवाओं का अधिक उपयोग करने तथा कारपूलिंग अपनाने की अपील की।

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी निर्देश दिए हैं कि उनके काफिले में वाहनों का इस्तेमाल कम से कम किया जाए और खासतौर पर सुरक्षा के नाम पर अनावश्यक वाहन उपयोग से बचा जाए। उन्होंने मुख्य सचिव सहित सभी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को भी इसी प्रकार की व्यवस्था अपनाने को कहा है।

महाराष्ट्र सरकार ने सभी मंत्रियों के लिए यह अनिवार्य किया है कि आधिकारिक यात्रा में विमान के उपयोग से पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अनुमति ली जाए। गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने घोषणा की है कि वह राज्य के भीतर यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर और विमान के बजाय ट्रेन, राज्य परिवहन बसों और अन्य सार्वजनिक साधनों का उपयोग करेंगे। साथ ही उन्होंने सरकारी काफिलों के आकार को भी सीमित करने का निर्णय लिया है ताकि ईंधन की बचत हो सके।

गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने प्रधानमंत्री की विदेशी यात्राएं कम करने की अपील के बाद अपना प्रस्तावित अमेरिका दौरा रद्द कर दिया है। बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा है कि उन्होंने निजी तौर पर अपने उपयोग में आने वाले वाहनों की संख्या आधी कर दी है और अब केवल आवश्यक होने पर ही सरकारी यात्रा करेंगे। बिहार सरकार की दो अन्य मंत्री लेशी सिंह और शीला मंडल ने भी व्यक्तिगत स्तर पर मितव्ययिता के उपाय अपनाने की घोषणा की है।

पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को हैदराबाद में तेलंगाना भाजपा की रैली को संबोधित करते हुए सादगी और संसाधनों के सीमित उपयोग पर जोर दिया था।

प्रधानमंत्री ने पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, शहरों में मेट्रो सेवाओं का अधिक इस्तेमाल करने, कारपूलिंग अपनाने, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने, पार्सल परिवहन के लिए रेलवे सेवाओं का उपयोग करने और विदेशी मुद्रा बचाने के उद्देश्य से वर्क फ्रॉम होम जैसी व्यवस्थाओं को प्रोत्साहित करने की अपील की थी।

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