कोलकाताः तिलजला अग्निकांड के बाद प्रशासन ने अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ा और सख्त कदम उठाया है। बुधवार को इलाके में बुलडोजर की मदद से उस फैक्ट्री को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू की गई, जहां मंगलवार को भीषण आग लगी थी। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पूरे क्षेत्र को केंद्रीय बलों ने घेर रखा है, ताकि कार्रवाई बिना किसी बाधा के पूरी हो सके।
यह वही लेदर फैक्ट्री है जहां आग लगने की घटना में दो लोगों की मौत हो गई थी, जबकि तीन लोग घायल हो गए थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि यह फैक्ट्री बिना किसी स्वीकृत बिल्डिंग प्लान के अवैध रूप से संचालित हो रही थी।
घटना के बाद राज्य सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रशासनिक स्तर पर स्पष्ट किया गया कि ऐसी सभी इकाइयों की जांच की जाएगी, जो बिना अनुमति या नियमों का उल्लंघन कर चल रही हैं।
नगर विकास विभाग और कोलकाता नगर निगम की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर ध्वस्तीकरण अभियान शुरू किया। भारी पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बलों की मौजूदगी में मशीनों से अवैध निर्माण को तोड़ा जा रहा है।
प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में ऐसे सभी अवैध औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सूची तैयार कर उनके खिलाफ कार्रवाई तेज की जाएगी। इसके साथ ही बिजली और पानी की आपूर्ति बंद करने जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं।
इस मामले में फैक्ट्री मालिकों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है और आगे की जांच जारी है। सरकार का कहना है कि यह कार्रवाई केवल एक घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि अवैध निर्माण और सुरक्षा उल्लंघन के खिलाफ व्यापक अभियान का हिस्सा है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शहरी इलाकों में बिना अनुमति चल रही इकाइयों पर “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत लगातार कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।