कोलकाताः पश्चिम बंगाल विधानसभा में 13 मई को नव-निर्वाचित विधायकों के शपथ ग्रहण के साथ नए कार्यकाल की औपचारिक शुरुआत हुई। पूरे कार्यक्रम में सबसे अधिक चर्चा मुख्यमंत्री और विधायक के रूप में पहुंचे शुभेंदु अधिकारी के खास अंदाज को लेकर रही, जो राजनीतिक और भावनात्मक दोनों स्तरों पर सुर्खियों में रहा।
शपथ ग्रहण से पहले शुभेंदु अधिकारी का विधानसभा परिसर में प्रवेश बेहद प्रतीकात्मक और भावनात्मक रहा। उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया, इसके बाद विधानसभा भवन की सीढ़ियों पर नतमस्तक होकर प्रणाम किया और भीतर जाकर पूजा-अर्चना भी की। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए जाने के बाद तेजी से वायरल हो गया।
विधानसभा परिसर में उन्हें औपचारिक रूप से गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। उनके इस व्यवहार को समर्थकों ने लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति सम्मान के रूप में देखा, जबकि राजनीतिक हलकों में भी यह घटना चर्चा का विषय बनी रही। इसके बाद शुभेंदु अधिकारी ने सबसे पहले विधायक पद की शपथ ली। इसके बाद अन्य विधायकों का क्रमवार शपथ ग्रहण शुरू हुआ, जो निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ा।
इस दौरान कई प्रमुख विधायकों ने भी शपथ ली, जिनमें दिलीप घोष, अशोक कीर्तनिया, खुदीराम टुडु और निशीथ प्रमाणिक शामिल रहे। सभी विधायकों को शपथ प्रोटेम स्पीकर तापस रॉय ने दिलाई।
शपथ ग्रहण प्रक्रिया को दो चरणों में विभाजित किया गया था। पहले चरण में सुबह 11 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक उत्तरी बंगाल और मुर्शिदाबाद के 76 विधायकों ने शपथ ली। इसके बाद दूसरे चरण में दोपहर 2 बजे से 4:30 बजे तक 80 अन्य विधायकों को शपथ दिलायी जायेगी।
पूरे कार्यक्रम के दौरान विधानसभा में सुरक्षा व्यवस्था और विधायी अनुशासन का सख्ती से पालन किया गया। यह सत्र नए विधानसभा कार्यकाल की औपचारिक शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।