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बंगाल में अवैध टोल और बैरिकेड्स हटाये जायेंगे, मुख्य सचिव ने दिया आदेश

जिलों को अवैध वसूली केंद्रों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई के निर्देश। नई सरकार के फैसले पर शुरू हुआ राजनीतिक विवाद।

By श्वेता सिंह

May 13, 2026 19:45 IST

कोलकाताः पश्चिम बंगाल में नई सरकार बनने के बाद प्रशासनिक स्तर पर सख्त कार्रवाई की शुरुआत हो गई है। राज्य के मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल (Manoj Kumar Agarwal) ने बिना सरकारी अनुमति संचालित हो रहे सभी टोल गेट, ड्रॉप गेट और बैरिकेड्स को हटाने का निर्देश जारी किया है। इस आदेश के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया है।

मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में चल रहे अवैध टोल वसूली केंद्रों की पहचान करें और उन्हें तुरंत हटाने की कार्रवाई करें। इसके साथ ही भविष्य में ऐसे अवैध केंद्र दोबारा न बनें, इसके लिए नियमित निगरानी रखने को भी कहा गया है।

राज्य सरकार ने प्रशासन से यह भी कहा है कि सभी वैध और अवैध टोल संग्रह केंद्रों की अलग-अलग सूची तैयार कर 15 मई तक रिपोर्ट सौंपी जाए। माना जा रहा है कि यह कदम राज्य में अवैध वसूली और अनधिकृत बैरिकेड्स पर नियंत्रण के लिए उठाया गया है।

यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब राज्य में नई सरकार के गठन के बाद प्रशासनिक सुधार और सख्ती को लेकर लगातार संदेश दिए जा रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सरकार शुरुआती दिनों में ही प्रशासनिक नियंत्रण और पारदर्शिता को लेकर स्पष्ट संकेत देना चाहती है।

हालांकि मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल (Manoj Kumar Agarwal) की नियुक्ति को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं। हालिया विधानसभा चुनाव के दौरान वह राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी थे। चुनाव के तुरंत बाद उन्हें मुख्य सचिव बनाए जाने पर विपक्षी दलों ने इसे लेकर सरकार पर निशाना साधा है।

तृणमूल कांग्रेस सांसद सौगत राय (Saugata Roy) ने कहा कि इस नियुक्ति से कई सवाल खड़े हो रहे हैं और सरकार को इस पर सफाई देनी चाहिए। वहीं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने भी इस फैसले की आलोचना करते हुए भाजपा और चुनाव आयोग के बीच मिलीभगत का आरोप लगाया।

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