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LPG Gas Cylinder Booking पर आने वाली है गुड न्‍यूज, यूएई जा रहे पीएम मोदी, कौन सी खुशखबरी लाएंगे ?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को यूएई जा रहे हैं। सरकारी सूत्रों का कहना है क‍ि इस दौरे में दो बड़े समझौते हो सकते हैं। पहला एलपीजी गैस को लेकर होगा।

By लखन भारती

May 13, 2026 21:40 IST

नयी दिल्लीःLPG Gas Cylinder की बुकिंग कराकर अगर आप भी परेशान हैं, कई द‍िन हो गए गैस नहीं म‍िल रही है, तो यह खबर आपको राहत देने वाली है। देश में रसोई गैस यानी एलपीजी की कमी को खत्म करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद कमान संभाल ली है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी शुक्रवार को यूएई के दौरे पर जा रहे हैं, जहां उनका पूरा फोकस एनर्जी सिक्योरिटी पर होगा। पीएम मोदी की इस यात्रा का सबसे बड़ा एजेंडा यह सुनिश्चित करना है कि दुनिया में कहीं भी युद्ध छिड़े या तनाव हो, भारत में गैस और तेल की कमी नहीं होनी चाहिए। यूएई भारत का पुराना और भरोसेमंद दोस्त है, इसलिए पीएम वहां के बड़े नेताओं से सीधी बात करेंगे। मकसद साफ है- भारत को आने वाले कई सालों तक बिना किसी रुकावट के गैस और तेल मिलता रहे। सूत्रों का कहना है कि पीएम चाहते हैं कि ऊर्जा के मामले में भारत किसी भी बाहरी झटके से सुरक्षित रहे, ताकि देश की तरक्की की रफ्तार धीमी न पड़े।

गैस और तेल भंडारण पर होंगे दो बड़े समझौते

सूत्रों का कहना है क‍ि पीएम मोदी की इस यात्रा के दौरान दो बहुत जरूरी समझौतों पर मुहर लग सकती है। पहला समझौता सीधे एलपीजी की सप्लाई को लेकर होगा, जिससे भारत में गैस की कमी का डर खत्म हो जाएगा। दूसरा समझौता पेट्रोलियम भंडार यानी तेल को जमा करके रखने की क्षमता बढ़ाने पर है। सरकार चाहती है कि भारत के पास इतना तेल और गैस जमा रहे कि अगर कल को कोई बड़ा संकट आ जाए, तो भी महीनों तक देश का काम चलता रहे। इसमें यूएई की कंपनियां भारत की मदद करेंगी और निवेश भी करेंगी।

गैस संकट से भारत को बचाने की तैयारी

पूरी दुनिया में इस समय गैस को लेकर हाहाकार मचा है। रूस और यूक्रेन की लड़ाई हो या मिडिल ईस्ट का तनाव, इसका असर सीधे गैस की कीमतों पर पड़ता है। पीएम मोदी की यह यूएई यात्रा इसी का काट है। सरकार एक ऐसी व्यवस्था बनाना चाहती है जिसमें हमें बाहरी देशों की उठापटक का ज्यादा नुकसान न झेलना पड़े। यूएई के साथ हाथ मिलाने का मतलब है कि भारत को प्राथमिकता के आधार पर और शायद बेहतर कीमतों पर गैस मिल सकेगी। यह भारत की एक बड़ी कूटनीतिक जीत मानी जा रही है।

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