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मुंबई में मराठी साइनबोर्ड अनिवार्य, नहीं मानने वालों पर होगी कार्रवाई, हजारों प्रतिष्ठानों लगा जुर्माना

पांच सितारा होटल और सेलिब्रिटी आउटलेट भी नियम के दायरे में, दुकानों और होटलों को एक महीने का समय

By डॉ. अभिज्ञात

May 14, 2026 00:48 IST

मुंबईः मुंबई के उपमहापौर संजय घाडी ने बुधवार को शहर की सभी दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को निर्देश दिया कि वे एक महीने के भीतर देवनागरी लिपि में मराठी साइनबोर्ड प्रमुखता से लगाएं। ऐसा नहीं करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। यहीनिर्देश पांच सितारा होटल और मशहूर हस्तियों के स्वामित्व वाले प्रतिष्ठानों के लिए भी है।

उन्होंने कहा कि आदेश का पालन नहीं होने पर शिवसेना स्टाइल में जवाब दिया जाएगा।

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के दुकानदार एवं प्रतिष्ठान विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में घाडी ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार मराठी साइनबोर्ड लगाना अनिवार्य है। उन्होंने चेतावनी दी कि नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इस दौरान बीएमसी की विधि समिति की अध्यक्ष दीक्षा करकर भी मौजूद थीं। उपमहापौर के अनुसार मुंबई में करीब नौ लाख दुकानें और अन्य प्रतिष्ठान हैं, जिनमें से 5,020 प्रतिष्ठानों ने अब तक मराठी साइनबोर्ड लगाने के नियम का पालन नहीं किया है।

शिवसेना के पार्षद घाडी ने बताया कि नगर निकाय अब तक 3,114 प्रतिष्ठानों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई कर चुका है और 1.91 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया है। उन्होंने कहा, “चाहे पांच सितारा होटल हो या कोई अन्य प्रतिष्ठान, मराठी साइनबोर्ड लगाना जरूरी है।” साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि नियमों के पालन की जांच के लिए नियमित निरीक्षण किया जाए। घाडी ने यह भी कहा कि यदि कोई अधिकारी कार्रवाई करने में लापरवाही बरतता है तो उसके खिलाफ भी कदम उठाए जाएंगे।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि एक महीने के भीतर प्रतिष्ठानों ने स्पष्ट रूप से दिखाई देने वाले मराठी साइनबोर्ड नहीं लगाए तो पार्टी अध्यक्ष और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के निर्देशानुसार उनकी पार्टी के कार्यकर्ता “शिवसेना स्टाइल” में जवाब देंगे।

दीक्षा करकर ने कहा कि प्रशासन को उन प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं, जिन्हें अब तक नोटिस नहीं मिला है। साथ ही उनसे एक महीने के भीतर नियमों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

उन्होंने बताया कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि नियमों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों की सूची तैयार की जाए और 15 दिनों के भीतर अब तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट सौंपी जाए। एक महीने की समयसीमा समाप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई भी शुरू की जाएगी।

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