नई दिल्ली : ओमान के तट के पास भारतीय ध्वजवाहक मालवाहक जहाज एमएसवी हाजी अली पर ड्रोन हमले की घटना ने नई दिल्ली में गंभीर चिंता पैदा कर दी है। इस हमले के परिणामस्वरूप जहाज डूब गया। भारत के विदेश मंत्रालय ने इस हमले को “अस्वीकार्य और निंदनीय” करार देते हुए कड़ी निंदा की है। प्रारंभिक रिपोर्टो के अनुसार जहाज पर यह हमला किसी संदिग्ध ड्रोन या मिसाइल जैसी वस्तु से हुआ। जहाज पर मौजूद 14 भारतीय नौसैनिक सुरक्षित रूप से बचा लिए गए जिनकी सुरक्षा ओमान कोस्ट गार्ड ने सुनिश्चित की।
जानकारी के अनुसार गुजरात का यह कार्गो जहाज सोमालिया के बरबेरा पोर्ट से कच्चा मवेशी लेकर संयुक्त अरब अमीरात के शारजाह की ओर जा रहा था। बुधवार की सुबह ओमान के जलक्षेत्र के पास अचानक जहाज में जोरदार विस्फोट हुआ। प्रारंभिक जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आकाश से किसी ड्रोन या मिसाइल जैसी वस्तु ने जहाज को निशाना बनाया। इसके बाद जहाज में आग लग गई और यह तेजी से डूबने लगा।
जहाज के मालिक गुजरात के द्वारका निवासी सुलतान अहमद अन्सारी ने बताया कि घटना सुबह लगभग ढाई बजे हुई। जहाज ने संकट संदेश भेजा जिस पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए ओमान कोस्ट गार्ड ने बचाव अभियान चलाया और सभी नौसैनिकों को सुरक्षित निकाल लिया। विदेश मंत्रालय के अनुसार सभी सुरक्षित नौसैनिक भारतीय नागरिक हैं। भारत के विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा: ओमान के तट के पास भारतीय ध्वजवाहक जहाज पर हमला अत्यंत चिंता का विषय है और बिल्कुल अस्वीकार्य है। व्यापारिक जहाज और निर्दोष नौसैनिकों को निशाना बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और समुद्री मार्गों पर स्वतंत्रता को किसी भी हाल में बाधित नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही नई दिल्ली ने ओमान प्रशासन को तेज बचाव कार्रवाई के लिए धन्यवाद दिया। मंत्रालय ने बताया कि संकट की इस स्थिति में कोस्ट गार्ड की तत्परता से कोई जान-माल की हानि नहीं हुई। वर्तमान में सभी नौसैनिकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है और उन्हें सुरक्षित भारत वापसी के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
इस घटना ने पश्चिम एशिया में समुद्री सुरक्षा पर नई चिंता पैदा कर दी है। हाल के महीनों में ईरान-अमेरिका संघर्ष और फारस की खाड़ी क्षेत्र में सैन्य तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर हमले की आशंका बढ़ी है। विशेष रूप से हर्मुज और ओमान की खाड़ी संवेदनशील क्षेत्र माने जाते है जिन्हें कई अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाज उपयोग करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं वैश्विक व्यापार पर भी गंभीर प्रभाव डाल सकती हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत पूरी घटना पर नजर बनाए हुए है। हमले के पीछे कौन जिम्मेदार है और विस्फोट कैसे हुआ, इसकी जांच की जा रही है। हालांकि अभी तक किसी आतंकवादी संगठन या राज्य ने इस हमले की जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की है। जांचकर्ता सभी संभावनाओं पर गौर कर रहे हैं।