बीजिंगः अमेरिका और चीन के बीच लंबे समय से चल रहे तनावपूर्ण रिश्तों के बीच एक नई कूटनीतिक पहल देखने को मिली है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और उनकी पत्नी पेंग लीयुआन को सितंबर में व्हाइट हाउस आने का निमंत्रण दिया है। माना जा रहा है कि यह प्रस्ताव दोनों महाशक्तियों के बीच संबंधों को नई दिशा देने की कोशिश का हिस्सा है।
बीजिंग में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और चीन केवल आर्थिक ताकतें ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्थिरता और विकास के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण देश हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के नागरिकों के बीच आपसी सम्मान और सहयोग की भावना मजबूत है, जिसे और आगे बढ़ाने की जरूरत है।
ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच हुई बातचीत में व्यापार, तकनीक, ताइवान, सुरक्षा और वैश्विक अर्थव्यवस्था जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। ट्रंप ने कहा कि यह बैठक बेहद सकारात्मक और रचनात्मक रही। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध और मजबूत होंगे तथा निवेश के नए अवसर खुलेंगे।
चीनी सरकार की ओर से आयोजित राजकीय भोज में दोनों नेताओं के बीच विशेष गर्मजोशी देखने को मिली। ट्रंप ने अपने संबोधन में जिनपिंग को मित्र बताते हुए कहा कि अमेरिका और चीन के रिश्तों का इतिहास काफी पुराना है। उन्होंने यह भी कहा कि आज के समय में दोनों देशों के संबंध दुनिया के सबसे प्रभावशाली द्विपक्षीय रिश्तों में शामिल हैं।
करीब दस साल बाद ट्रंप की चीन यात्रा को अंतरराष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में उनका स्वागत सैन्य सम्मान, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और बच्चों के रंगारंग कार्यक्रमों के साथ किया गया। यह आयोजन दोनों देशों के बीच सकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
बैठक के दौरान राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने कहा कि दुनिया इस समय बड़े भू-राजनीतिक बदलावों से गुजर रही है। उन्होंने “थ्यूसीडाइड्स ट्रैप” का जिक्र करते हुए चेतावनी दी कि जब उभरती और स्थापित शक्तियां आमने-सामने आती हैं, तो टकराव की संभावना बढ़ जाती है। हालांकि उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका और चीन को प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि साझेदार के रूप में आगे बढ़ना चाहिए।
शी ने कहा कि दोनों देशों के बीच मतभेद जरूर हैं, लेकिन साझा हित कहीं अधिक बड़े हैं। उन्होंने रिश्तों में स्थिरता और सहयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि दोनों देश मिलकर दुनिया में शांति और आर्थिक स्थिरता कायम कर सकते हैं।
वहीं ट्रंप ने भी जिनपिंग की नेतृत्व क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि आने वाले समय में अमेरिका-चीन संबंध पहले से कहीं ज्यादा बेहतर हो सकते हैं। उन्होंने अमेरिकी कंपनियों की ओर से चीन में निवेश और व्यापार बढ़ाने की इच्छा भी जाहिर की।
यह उच्चस्तरीय वार्ता ऐसे समय हुई है, जब दुनिया ईरान संकट, वैश्विक आर्थिक दबाव और अमेरिका की घरेलू राजनीतिक चुनौतियों जैसे कई अहम मुद्दों का सामना कर रही है। ऐसे में ट्रंप और शी की यह मुलाकात अंतरराष्ट्रीय राजनीति और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए काफी अहम मानी जा रही है।