🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और अब रूसी राष्ट्रपति पुतिन के चीन दौरे की घोषणा, क्या है वजह?

वर्तमान में राष्ट्रपति ट्रंप एक बड़ी अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ चीन के दौरे पर गए हुए हैं। इस यात्रा को रूस और अमेरिका के बीच चीन के बढ़ते प्रभाव से जोड़कर देखा जा रहा है।

By Moumita Bhattacharya

May 14, 2026 23:57 IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चीन का दौरा खत्म होने के तुरंत बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन चीन के दौरे पर जाने वाले हैं। मीडिया रिपोर्ट में इस बात का दावा गुरुवार के क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव के हवाले से किया गया। बताया जाता है कि जल्द ही व्लादिमीर पुतिन चीन के दौरे पर जाने वाले हैं जिसकी तैयारियां की जा चुकी हैं।

बता दें, वर्तमान में राष्ट्रपति ट्रंप एक बड़ी अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ चीन के दौरे पर गए हुए हैं। इस यात्रा को रूस और अमेरिका के बीच चीन के बढ़ते प्रभाव से जोड़कर देखा जा रहा है। ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति के चीन दौरे के तुरंत बाद ही रूसी राष्ट्रपति का चीन जाने की तैयारियां करना किस तरफ इशारा करता है, यह जानने वाली बात होगी।

Read Also | इंडोनेशिया के माउंट डुकोनो ज्वालामुखी के पास मिला सिंगापुर के दो पर्वतारोहियों का 'एक-दूसरे को गले लगाया' शव

क्या हो सकता है मकसद?

नवभारत टाइम्स की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार व्लादिमीर पुतिन के चीन दौरे का मुख्य उद्देश्य पश्चिमी प्रतिबंधों के बीच रूस और चीन के बीच कथित तौर पर सीमाहीन रणनीतिक साझेदारी को गहरा करना हो सकता है। संभव है कि रूस अमेरिकी प्रभाव के साथ मुकाबले की तैयारी कर रहा हो।

सूत्रों के हवाले से बताया जाता है कि पुतिन चीन के साथ मिलकर रक्षा, ऊर्जा और AI जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर सकते हैं। इसके साथ यूक्रेन के साथ पिछले कई सालों से चल रहे युद्ध की वजह से रूस काफी अलग-थलग पड़ गया है। ऐसे में रूस चीन का समर्थन भी सुनिश्चित करने की कोशिश कर सकता है।

मीडिया रिपोर्ट की मानें तो रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग पिछले कुछ सालों में करीब 40 बार एक-दूसरे से मिल चुके हैं। दोनों की आखिरी मुलाकात पिछले साल सितंबर में बीजिंग में हुई थी। चीन ने कभी भी यूक्रेन पर रूस के हमले की निंदा नहीं की है।

इसके साथ ही चीन और रूस के बीच फरवरी 2022 में असीमित रणनीतिक साझेदारी पर हस्ताक्षर भी किया गया था, जिसकी घोषणा रूस के साथ यूक्रेन का युद्ध शुरू होने के महज 3 सप्ताह से भी कम समय बाद की गयी थी।

Articles you may like: