मुंबई : भारतीय टीम के पूर्व मुख्य कोच और हरफनमौला खिलाड़ी रवि शास्त्री का मानना है कि संजू सैमसन राष्ट्रीय टीम की टी20 अंतरराष्ट्रीय कप्तानी के लिए एक मजबूत दावेदार हैं। उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में राजस्थान रॉयल्स के पूर्व कप्तान के रूप में उनके अनुभव और बल्लेबाजी में बढ़ती निरंतरता व परिपक्वता का हवाला देते हुए यह बात कही।
दो महीने पहले भारत में आयोजित आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप में सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत ने खिताब जीता था, जहां संजू सैमसन को ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ चुना गया था। उन्होंने पांच पारियों में 321 रन बनाए थे जिसमें लगातार तीन अर्धशतक शामिल थे—वेस्टइंडीज के खिलाफ सुपर-आठ मुकाबले से लेकर न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल तक।
रवि शास्त्री ने आईसीसी रिव्यू पर संजना गणेशन से बातचीत में कहा कि आने वाले टी20 विश्व कप (2028) तक भारत एक नए कप्तान की तलाश में हो सकता है यह इस पर निर्भर करेगा कि सूर्य आने वाले कुछ वर्षों में कैसा प्रदर्शन करते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि लेकिन संजू सैमसन ने खुद को नेतृत्व की भूमिका के लिए मजबूती से प्रस्तुत किया है क्योंकि उन्होंने पहले राजस्थान रॉयल्स की कप्तानी की है।
शास्त्री ने यह भी कहा कि सैमसन की आक्रामक बल्लेबाजी उन्हें टीम में एक निश्चित स्थान दिलाती है।
उन्होंने कहा कि मैं उन्हें ऐसे खिलाड़ी के रूप में देखता हूं और यह तो बस शुरुआत है आने वाले दो या तीन वर्षों में आप संजू सैमसन से और भी बहुत कुछ देखेंगे।
संजू सैमसन ने इंडियन प्रीमियर लीग में राजस्थान रॉयल्स की कप्तानी पांच सीजनों तक की है जिसमें 2022 का सीजन भी शामिल है जब टीम उपविजेता रही थी।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सैमसन ने हाल के समय में शानदार फॉर्म दिखाया है और मौजूदा इंडियन प्रीमियर लीग सीजन में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए भी बेहतरीन प्रदर्शन किया है। उन्होंने 11 पारियों में 430 रन बनाए हैं उनका औसत 53.75 और स्ट्राइक रेट 169.29 रहा है जिसमें दो शतक और एक अर्धशतक शामिल हैं।
इस वर्ष टी20 प्रारूप में संजू सैमसन ने 21 पारियों में 797 रन बनाए हैं उनका औसत 46.88 और स्ट्राइक रेट 177.50 रहा है जिसमें दो शतक और चार अर्धशतक शामिल हैं।
रवि शास्त्री ने कहा कि मुझे लगता है कि उन्होंने अब उन सभी सवालों पर विराम लगा दिया है। हमेशा से उनमें क्षमता थी लेकिन लोग अक्सर निराश होते थे क्योंकि वह उस क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाते थे।
उन्होंने आगे कहा कि लेकिन इस सीजन में जिस तरह उन्होंने टी20 विश्व कप के बाद प्रदर्शन किया जहां उन्होंने लगभग अकेले दम पर भारत को बड़े मुकाबलों में जीत दिलाई-क्वार्टरफाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल-और अब आईपीएल में जिस तरह परिपक्वता दिखाई है उसके आधार पर मेरे अनुसार वह भविष्य में नेतृत्व के लिए एक मजबूत दावेदार हैं।