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पंजाब में घर के पास खेलते हुए बोरवेल में गिरा 4 साल का बच्चा, 9 घंटे की मशक्कत के बाद निकाला गया बाहर

रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान बच्चे की मां लगातार उससे पाइप के जरिए बात करती रही ताकि बच्चा डरे नहीं और वह हिले-डुले भी नहीं।

By Moumita Bhattacharya

May 16, 2026 10:23 IST

खेलते-खेलते घर के पास हाल ही में खोदे गए बोलवेल में गिर गया था मात्र 4 साल का बच्चा। शुक्रवार की रात को यह घटना पंजाब के होशियारपुर के दासूहा रोड स्थित चक समाना गांव की बतायी जाती है। बच्चे के गिरने की जानकारी मिलते ही तुरंत गांव के लोग वहां पहुंच गए और उसे बचाने की कोशिशों में जुट गए। मिली जानकारी के अनुसार बच्चा बोरवेल में करीब 20 से 30 फीट की गहराई में जाकर फंस गया था।

लगभग 9 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बच्चे को आखिरकार बाहर निकाल लिया गया। उसकी तुरंत मेडिकल जांच की गयी और इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। मिली जानकारी के अनुसार प्राथमिक चिकित्सा के बाद बच्चे को छोड़ दिया गया है और बच्चे की हालत अब स्थितिशील बतायी जाती है। अधिकारियों ने शनिवार को इस बाबत जानकारी दी।

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स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बच्चे को बचाने के बाद NDRF का एक जवान अपनी गोद में उठाकर बाहर निकला। वह उस समय पूरी तरह से मिट्टी से सना हुआ था लेकिन उसकी हालत स्थिर दिखाई दे रही थी। बच्चे का नाम गुरकरण सिंह (4) बताया जाता है। उसके पिता की पहचान हरिंदर और मां आशा के रूप में हुई है। बच्चे को बचाने के बाद परिवार ने NDRF की पूरी टीम और अन्य बचावकर्मियों को गले लगाकर उनका धन्यवाद दिया।

मीडिया से बात करते हुए NDRF के डिप्टी कमांडेंट पंकज शर्मा ने बताया कि बच्चे की हालत स्थिर है। ढीली मिट्टी के लगातार धंसने की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण बन गया था। साथ ही उन्होंने अपनी टीम और बचावकर्मियों की सराहना भी की। बताया जाता है कि यह अभियान NDRF, SDRF, पंजाब पुलिस, जिला प्रशासन, फायर ब्रिगेड और स्थानीय स्वयं सेवकों के संयुक्त प्रयास से संपन्न हुआ।

मिली जानकारी के अनुसार रात को करीब 12.40 बजे बच्चे को बोरवेल से बाहर निकाला गया था। जिलाधिकारी आशिका जैन ने बताया कि परिस्थिति को संभालने के लिए पहले बोरवेल में कैमरा और ऑक्सीजन का पाइप डाला गया था।

कैमरा के फुटेज में बच्चे को हिलते-डुलते देखा गया लेकिन मिट्टी धंस जाने की वजह से कैमरा ने काम करना बंद कर दिया। इसके बाद बोरवेल के समानांतर एक 25 से 30 फीट गहरा गड्ढ़ा खोदा गया। वहां से एक सुरंग बनाकर बचावकर्मी बच्चे तक पहुंचे। बताया जाता है कि बचाव कार्य में अर्थमूवर का इस्तेमाल किया गया है।

हालांकि बच्चे की सुरक्षा के बारे में सोच कर काफी सावधानी पूर्वक काम किया गया। बच्चे को शांत रखने के लिए प्रशासन ने उसकी मां को बुलाया। मां पाइप के माध्यम से लगातार बच्चे से बात कर रही थी ताकि वह न डरे।

पंजाब के मंत्री रवजोत सिंह और आप सांसद रात कुमार छब्बाल पूरी रात घटनास्थल पर मौजूद रहकर पूरे अभियान की निगरानी करते रहे। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक संदीप कुमाल मलिक ने इस सफल अभियान के लिए NDRF, पुलिस और स्थानीय निवासियों को सलाम किया।

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