🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

मीडिया रिपोर्ट फर्जी, विदेश यात्रा पर टैक्स का सवाल ही नहीं: पीएम मोदी

पीएम मोदी का स्पष्ट इनकार: विदेश यात्रा पर टैक्स या सेस का कोई प्रस्ताव नहीं।

By श्वेता सिंह

May 16, 2026 00:06 IST

नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर स्पष्ट बयान जारी कर उन मीडिया रिपोर्टों को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया गया था कि सरकार विदेश यात्रा पर टैक्स, सेस या सरचार्ज लगाने पर विचार कर रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस तरह की खबरों में “जरा भी सच्चाई नहीं है” और यह दावा पूरी तरह गलत है। उन्होंने दोहराया कि सरकार का किसी भी प्रकार की ऐसी पाबंदी लगाने का कोई इरादा नहीं है।

विवाद की जड़ बनी मीडिया रिपोर्ट

विवाद की शुरुआत उन मीडिया रिपोर्टों से हुई, जिनमें सूत्रों के हवाले से कहा गया था कि सरकार विदेश यात्रा पर अस्थायी टैक्स या सेस लगाने पर विचार कर रही है।

रिपोर्ट में दावा किया गया था कि यह कदम पश्चिम एशिया में जारी तनाव और तेल आयात लागत बढ़ने के कारण विदेशी मुद्रा खर्च को नियंत्रित करने के उद्देश्य से हो सकता है। यह भी कहा गया कि प्रस्ताव पर उच्च स्तर पर चर्चा चल रही है, हालांकि कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया था।

बढ़ती विदेश यात्राएं और खर्च के आंकड़े

सरकारी और अंतरराष्ट्रीय अनुमानों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में भारतीय नागरिकों ने लगभग 3.17 करोड़ विदेश यात्राएं कीं, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 25 प्रतिशत अधिक है।

विदेश यात्रा पर खर्च भी तेजी से बढ़ा है और यह 31.7 अरब डॉलर से बढ़कर लगभग 35 अरब डॉलर (करीब 2.65 से 2.9 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंच गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, यह खर्च आने वाले वर्षों में और बढ़ सकता है, जिससे विदेशी मुद्रा प्रवाह पर असर पड़ने की आशंका जताई गई है।

Read also | सादगी और बचत का संदेश, CM शुभेंदु अधिकारी ने घटाई काफिले की गाड़ियां

पीएम की अपील और सरकार की प्राथमिकता

यह विवाद उस समय सामने आया जब प्रधानमंत्री ने 10 मई को हैदराबाद में एक रैली के दौरान नागरिकों से अपील की थी कि वे गैर-जरूरी विदेश यात्राएं कुछ समय के लिए टालें, घरेलू खर्च में संयम रखें और संभव हो तो वर्क फ्रॉम होम को अपनाएं।

हालांकि इसे किसी नीति या बाध्यता के रूप में नहीं देखा गया।

प्रधानमंत्री के खंडन के बाद यात्रा उद्योग में स्पष्टता आई है और अनिश्चितता खत्म हुई है। सरकार ने दोहराया है कि उसका फोकस “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” और “ईज ऑफ लिविंग” को मजबूत करने पर है, न कि किसी प्रकार के नए टैक्स या प्रतिबंध लगाने पर।

Articles you may like: