प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की अध्यक्षता में 21 मई को केंद्रीय मंत्रिमंडल की एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार इस बड़ी बैठक में सरकार की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की जाएगी।
इसके साथ ही इस बैठक में 'मोदी 3.0' कैबिनेट में संभावित बदलाव पर भी चर्चा होने की संभावना है। सूत्रों की मानें तो प्रदर्शन के आधार पर कुछ मंत्रियों को कैबिनेट से हटाया जा सकता है, जबकि कुछ को पदोन्नति मिलने की भी संभावना जताई जा रही है।
मंत्रिमंडल में हो सकते हैं बड़े बदलाव
प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार से 6 दिनों के विदेश दौरे पर जा रहे हैं, जिसमें संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली आदि शामिल हैं। उनके भारत लौटने के बाद यह महत्वपूर्ण बैठक होने की संभावना है जिसमें सभी कैबिनेट मंत्री और राज्य मंत्री मौजूद रहेंगे।
26 मई को केंद्र में मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे हो रहे हैं, जबकि 9 जून को उनके तीसरे कार्यकाल के दो वर्ष पूरे होंगे। वर्तमान मंत्रिमंडल में 72 सदस्य हैं, जबकि संविधान के अनुसार अधिकतम 81 मंत्री हो सकते हैं।
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राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि 2027 के विभिन्न राज्यों के विधानसभा चुनावों और अन्य राजनीतिक-सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए 3-4 कैबिनेट मंत्रियों और समान संख्या में राज्य मंत्रियों में बदलाव संभव है। साथ ही उत्तर प्रदेश, बिहार और दक्षिण भारत से नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की भी संभावना जताई जा रही है।
कौन गंवा सकता है पद? किसे मिल सकती है पदोन्नति?
जानकारों का मानना है कि संभावित कैबिनेट फेरबदल में प्रदर्शन को ही अधिक महत्व दिया जा सकता है। मोदी सरकार में कई मंत्रियों के विभागों या पदों में बदलाव की चर्चा तेज है।
NEET-UG पेपर लीक विवाद के चलते सबसे अधिक दबाव धर्मेंद्र प्रधान पर है। वहीं लगातार रेल दुर्घटनाओं को लेकर अश्विनी वैष्णव पर भी दबाव काफी ज्यादा है। इन दोनों मंत्रियों के मंत्रालय में बदलाव या फिर जिम्मेदारी पुनर्वितरण की अटकलें भी लगाई जा रही हैं। इसके अलावा खेल मंत्रालय को लेकर मनसुख मांडविय के पद पर भी संभावित फेरबदल की चर्चा है।
दूसरी ओर, शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया और भूपेंद्र यादव जैसे नेताओं को बड़ी जिम्मेदारियां मिलने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि यह सभी चर्चाएं फिलहाल अटकलों के स्तर पर ही हैं क्योंकि न तो प्रधानमंत्री कार्यालय और न ही भाजपा की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान आया है।