मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य के पुलिस वेलफेयर बोर्ड को भंग कर दिया है। शनिवार को डायमंड हार्बर में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान उन्होंने इस बात की घोषणा की। साथ ही बताया कि इस बाबत सरकारी विज्ञप्ति सोमवार को जारी कर दी जाएगी।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य में पुलिस वेलफेयर बोर्ड की स्थापना अच्छे उद्देश्य से की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में इस बोर्ड का राजनीतिकरण हो गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक राजनीतिक पार्टी का शाखा संगठन बन गया था।
Read Also | मुख्यमंत्री पर आत्मघाती हमले का धमकी भरा ई-मेल, गार्डनरीच से एक युवक गिरफ्तार
पुलिसकर्मियों का कितना भला हुआ यह तो नहीं जानता लेकिन शांतनु सिंह विश्वास और विजिताश्वर राउत जैसे अधिकारियों को इसका लाभ जरूर मिला। आज से मैंने पुलिस वेलफेयर बोर्ड को भंग कर दिया है।
गौरतलब है कि राज्य के पुलिस वेलफेयर बोर्ड के समन्वयक शांतनु सिंह विश्वास थे। गत गुरुवार को करीब साढ़े 10 घंटे की पूछताछ के बाद एन्फोर्समेंट डिरेक्टोरेट (ED) ने उन्हें रात में गिरफ्तार कर लिया था। उनके खिलाफ जमीन घोटाले समेत कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस वेलफेयर बोर्ड को भंग करने के साथ-साथ इस दिन की बैठक में पुलिस-प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले भी लिए गए। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने निर्देश दिया कि यदि कोई व्यक्ति राजनीतिक प्रतिशोध का शिकार होता है या पुलिस द्वारा किसी अन्य प्रकार की प्रताड़ना झेलता है तो वह बिना किसी डर अथवा खौफ के शिकायत दर्ज करा सकता है।