NEET-UG 2026 प्रश्नपत्र लीक मामले में आखिरकार केंद्र सरकार ने अपनी जिम्मेदारी स्वीकार कर ली है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि चेन ऑफ कमांड में कहीं न कहीं दरार जरूर आयी थी। इसी वजह से यह स्थिति पैदा हुई।
सरकार अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट रही है। इसके साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने घोषणा की कि अगले वर्ष से NEET-UG परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव किए जाएंगे। और कौन-कौन से बदलाव किए गए हैं?
मीडिया को संबोधित करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि अगले साल से यह परीक्षा पूरी तरह ऑनलाइन आयोजित की जाएगी। उन्होंने बताया कि NEET-UG 2026 प्रश्नपत्र लीक कांड के बाद यह फैसला लिया गया है। प्रधान ने कहा कि मैं एक महत्वपूर्ण बात बताना चाहता हूं कि अगले वर्ष से मूल समस्या का समाधान किया जाएगा।
NEET परीक्षा OMR शीट की बजाय कंप्यूटर आधारित यानी ऑनलाइन आयोजित की जाएगी। परीक्षा प्रणाली को और अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के लिए यह बदलाव किया जा रहा है।
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फिलहाल इस नई प्रणाली को लागू करने की विस्तृत प्रक्रिया पर चर्चा चल रही है। बताया जाता है कि ऑनलाइन परीक्षा के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था को भी और मजबूत किया जाएगा।
NEET-UG की परीक्षा में 10 बड़े बदलाव किए गए हैं, जो निम्न हैं -
- अगले वर्ष से NEET-UG ऑनलाइन मोड में हो सकती है, जिसमें उम्मीदवारों को कंप्यूटर पर परीक्षा देनी होगी।
- OMR शीट को पूरी तरह खत्म किया जाएगा जिससे उत्तरपत्र बदलने या गड़बड़ी की संभावना कम होगी।
- प्रश्नपत्र की सुरक्षा और मजबूत की जाएगी जिसमें डिजिटल एन्क्रिप्शन और मल्टी-लेयर सिक्योरिटी सिस्टम शामिल होगा।
- परीक्षा केंद्रों के आवंटन की प्रक्रिया में बदलाव किया जाएगा ताकि फर्जी उम्मीदवारों और संगठित धोखाधड़ी को रोका जा सके।
- आधार-आधारित या बायोमेट्रिक सत्यापन को और सख्त किया जाएगा।
- परीक्षा केंद्रों पर CCTV निगरानी और लाइव मॉनिटरिंग अनिवार्य की जाएगी।
- प्रश्नपत्र के परिवहन और भंडारण की पुरानी व्यवस्था की जगह पूरी तरह डिजिटल सिस्टम लाने की योजना है।
- NTA की संरचना में भी बदलाव किया जा सकता है और परीक्षा संचालन के लिए अलग विशेषज्ञ टीम बनाई जा सकती है।
- छात्रों की सुविधा के लिए मल्टी-शिफ्ट परीक्षा पर भी विचार किया जा रहा है।
- परीक्षा को पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के लिए केंद्र सरकार दीर्घकालिक सुधारों की दिशा में काम किया जा रहा है।
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धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि प्रश्नपत्र लीक मामले में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लाखों छात्रों के भविष्य के साथ समझौता नहीं किया जा सकता।
NEET-UG 2026 के रद्द होने के बाद गुरुवार रात शिक्षा मंत्री के आवास पर एक उच्च स्तरीय बैठक हुई। इसमें उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी, स्कूल शिक्षा सचिव संजय कुमार, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के महानिदेशक अभिषेक सिंह और CBSE अध्यक्ष राहुल सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
इस बैठक में मुख्य रूप से NEET की पुनः परीक्षा कराने को लेकर चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार सरकार की पहली प्राथमिकता पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद तरीके से दोबारा परीक्षा आयोजित करना है। साथ ही भविष्य में परीक्षा प्रणाली में बदलाव को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया।
गौरतलब है कि NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी, लेकिन प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के चलते इसे रद्द कर दिया गया। इस परीक्षा में 22 लाख से अधिक उम्मीदवार शामिल हुए थे। फिलहाल पूरे मामले की जांच CBI कर रही है। दिल्ली के राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने NEET प्रश्नपत्र लीक मामले में गिरफ्तार 5 आरोपियों को सात दिन की CBI हिरासत में भेज दिया है।
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इनमें मंगीलाल बियावल, दिनेश बियावल, विकास बियावल, शुभम खैर्नार और यश यादव शामिल हैं। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में बड़े पैमाने पर साजिश की संभावना है और जांच अभी शुरुआती चरण में है।
जांच में आरोप है कि दिनेश बियावल और अन्य आरोपियों ने मिलकर NEET का प्रश्नपत्र लीक किया और उसे फैलाया। अदालत का कहना है कि यह एक संगठित गिरोह द्वारा किया गया अपराध प्रतीत होता है। जांचकर्ताओं ने यह भी बताया कि कुछ आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन से महत्वपूर्ण डाटा मिटा दिया था।
CBI ने अदालत में दावा किया है कि मंगीलाल बियावल ने पहले अपने बेटे विकास बियावल के लिए प्रश्नपत्र हासिल करने के लिए शुभम खैर्नार से संपर्क किया था। इसके बाद यश यादव समेत अन्य लोगों के जरिए प्रश्नपत्र आगे फैलाया गया। आरोप है कि मंगीलाल ने लीक प्रश्नपत्र कई उम्मीदवारों को लगभग 12 लाख रुपये में बेचा।