हेग : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नीदरलैंड्स में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए भारत-नीदरलैंड्स संबंधों की मजबूती और दोनों देशों के बीच गहरे जनसंपर्क की सराहना की। उन्होंने कहा कि हेग में भारतीय समुदाय के उत्साह और स्नेह को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो वह भारत के किसी उत्सव में शामिल हों। प्रधानमंत्री ने कहा कि हेग आज भारतीय मित्रता का जीवंत प्रतीक बन गया है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्तमान समय में दुनिया अनेक नई चुनौतियों का सामना कर रही है। उन्होंने कोरोना महामारी, युद्ध और ऊर्जा संकट का उल्लेख करते हुए कहा कि यह दशक चुनौतियों से भरा हुआ है और यदि परिस्थितियों में शीघ्र सुधार नहीं हुआ तो पिछले कई दशकों की उपलब्धियां नष्ट हो सकती हैं तथा विश्व की बड़ी आबादी गरीबी में डूब सकती है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में भारत और नीदरलैंड्स भविष्य के लिए तैयार आपूर्ति श्रृंखला विकसित करने के प्रयासों में लगे हुए हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दुनिया सशक्त और भरोसेमंद आपूर्ति श्रृंखलाओं की आवश्यकता पर चर्चा कर रही है। उन्होंने बताया कि भारत और नीदरलैंड्स इस दिशा में साझेदारी को मजबूत कर रहे हैं। भारत इस समय अभूतपूर्व परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। देश का युवा कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने का सपना देख रहा है। भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है और देश दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजना संचालित कर रहा है। मोदी ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस समझौते से भारत और नीदरलैंड्स के संबंध और अधिक मजबूत होंगे। नीदरलैंड्स भारतीय कारोबारों के लिए यूरोप में प्रवेश का स्वाभाविक द्वार बन सकता है और वहां रह रहा भारतीय समुदाय इस यात्रा में भरोसेमंद सेतु की भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने नीदरलैंड्स में रह रहे भारतीय समुदाय से भारत में अधिक निवेश करने की अपील भी की। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय समुदाय जितना अधिक भारत में योगदान देगा, उतना ही देश की क्षमता बढ़ेगी और निवेश पर बेहतर प्रतिफल भी प्राप्त होगा।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय प्रवासी समुदाय की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने डच समाज में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और दोनों देशों के बीच मित्रता के जीवंत पुल के रूप में कार्य किया है। उन्होंने सूरीनामी-हिंदुस्तानी समुदाय के भारत के साथ ऐतिहासिक और गहरे संबंधों का भी उल्लेख किया तथा उनकी सांस्कृतिक विरासत को पीढ़ियों तक सहेजने के प्रयासों की सराहना की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रौद्योगिकी क्षेत्र में बड़ी संख्या में भारतीय पेशेवरों की मौजूदगी और नवाचार आधारित क्षेत्रों में डच विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों की बढ़ती संख्या दोनों देशों की साझेदारी को नई मजबूती दे रही है। उन्होंने क्रिकेट और हॉकी जैसे खेलों का उल्लेख करते हुए कहा कि खेल संबंध भी दोनों देशों के लोगों के बीच निकटता बढ़ाने में योगदान दे रहे हैं।

मोदी ने कहा कि भारत और नीदरलैंड्स के बीच द्विपक्षीय सहयोग लगातार विस्तृत हो रहा है और प्रौद्योगिकी तथा नवाचार इसमें प्रमुख क्षेत्र बनकर उभरे हैं। उन्होंने दोनों देशों के बीच मजबूत व्यापारिक और आर्थिक संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि नीदरलैंड्स यूरोप में भारत के सबसे बड़े निर्यात गंतव्यों में शामिल है और प्रमुख निवेश साझेदारों में से एक है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने भारत में हो रहे विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश में आधारभूत संरचना, विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा और डिजिटल प्रणालियों में बड़े स्तर पर निवेश किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने विदेशों में रह रहे भारतीयों को भरोसा दिलाया कि भारत सरकार उनके कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने भारतीय समुदाय से विकसित भारत अभियान में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
मोदी ने कहा कि मुख्यभूमि यूरोप में भारतीय मूल के लोगों की सबसे बड़ी संख्या नीदरलैंड्स में निवास करती है, जिसमें लगभग दो लाख सूरीनामी-हिंदुस्तानी समुदाय के सदस्य शामिल हैं। उन्होंने इस समुदाय के लिए ओसीआई पात्रता को चौथी पीढ़ी से बढ़ाकर छठी पीढ़ी तक विस्तारित किए जाने का भी उल्लेख किया।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच देशों की यात्रा के दूसरे चरण में नीदरलैंड्स पहुंचे हैं। इससे पहले वह संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा पर थे।