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ट्रंप ने दी ईरान को खुली धमकी, बोले- समझौता नहीं तो पूरी तबाही तय

ट्रंप का दावा- चीन नहीं चाहता ईरान के पास परमाणु हथियार पहुंचे

बीजिंग : पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और हॉर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से वैश्विक तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस मुलाकात के बाद ट्रंप ने ईरान को लेकर बेहद सख्त चेतावनी दी और साफ शब्दों में कहा कि यदि तेहरान समझौते के लिए आगे नहीं आता तो उसे “पूरी तरह तबाह” कर दिया जाएगा।

शी जिनपिंग के साथ बैठक और आधिकारिक दोपहर भोज के बाद अमेरिका रवाना होते समय ट्रंप ने विमान में फॉक्स न्यूज़ को दिए इंटरव्यू में कहा ईरान के सामने अब केवल दो रास्ते बचे है—समझौता करना या फिर विनाश का सामना करना। उन्होंने दोहराया कि अमेरिका किसी भी स्थिति में ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं देगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि यदि सैन्य कार्रवाई की जरूरत पड़ी तो वह वियतनाम या इराक युद्ध जैसी लंबी नहीं होगी। उन्होंने दावा किया कि ईरानी नौसेना लगभग पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है और अमेरिका के पास ऐसी सैन्य क्षमता है जिससे ईरान के रणनीतिक ठिकानों को बेहद कम समय में नष्ट किया जा सकता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी बताया कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी अमेरिका और ईरान के बीच किसी समझौते के पक्ष में हैं। ट्रंप के अनुसार “शी जिनपिंग ने मुझसे कहा कि यदि वह किसी तरह मदद कर सकते है तो जरूर करेंगे। उन्होंने यह भी दावा किया कि चीन भी नहीं चाहता कि ईरान के पास परमाणु हथियार पहुंचे।

ट्रंप ने अपने बयान में अमेरिकी जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन का हवाला देते हुए कहा कि अमेरिका ईरान के महत्वपूर्ण तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप को केवल चार से पांच मिनट में नष्ट करने की क्षमता रखता है।हाल के दिनों में चीन पर आरोप लगाए जा रहे थे कि वह पश्चिम एशिया संघर्ष में तकनीकी और खुफिया सहायता के जरिए ईरान का समर्थन कर रहा है। ट्रंप ने दावा किया कि इस विषय पर उनकी शी जिनपिंग से सीधी बातचीत हुई। उनके मुताबिक चीनी राष्ट्रपति ने आश्वासन दिया कि चीन अब ईरान को किसी भी प्रकार के सैन्य उपकरण उपलब्ध नहीं कराएगा।

हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि चीन और ईरान के बीच रणनीतिक तथा आर्थिक संबंध अभी भी काफी मजबूत हैं। वर्तमान में ईरान के लगभग 90 प्रतिशत तेल का सबसे बड़ा खरीदार चीन ही है और दोनों देशों के बीच लंबे समय से रक्षा और सामरिक सहयोग भी बना हुआ है। इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की खुलकर प्रशंसा भी की। उन्होंने कहा “वह बेहद स्पष्टवादी है किसी तरह की छिपाने वाली राजनीति नहीं करते। वह बहुत मेहनती नेता है और मुझे उनका यह अंदाज पसंद है।”

चीन में ट्रंप को दिए गए भव्य स्वागत और गार्ड ऑफ ऑनर का उल्लेख करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “ऐसा दृश्य शायद हॉलीवुड में भी देखने को न मिले।” उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका और चीन के संबंध फिलहाल काफी सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।ट्रंप ने कहा, “हमारे रिश्ते बहुत अच्छे हैं। शी जिनपिंग बेहद प्रभावशाली और शक्तिशाली नेता हैं और हमारे बीच शानदार समझ बनी हुई है। पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध, ईरान को लेकर अमेरिका की सख्त नीति और चीन की भूमिका को लेकर दिए गए इन बयानों ने वैश्विक राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।

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