पटियाला : ओलंपिक कांस्य पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन और उभरती हुई युवा मुक्केबाज साक्षी चौधरी ने राष्ट्रीय ट्रायल्स में शानदार जीत दर्ज करते हुए आगामी एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों के लिए भारतीय मुक्केबाजी टीम में अपनी जगह पक्की कर ली है।
पटियाला में शुक्रवार को आयोजित राष्ट्रीय मुक्केबाजी ट्रायल्स में महिलाओं के 75 किलोग्राम वर्ग के फाइनल मुकाबले में लवलीना बोरगोहेन ने सनामाचा चानू को 5-0 से हराकर एकतरफा जीत दर्ज की।
ओलंपिक्स डॉट कॉम के अनुसार पिछले महीने उलानबटार में आयोजित 2026 एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप में फाइनल तक नहीं पहुंच पाने के कारण लवलीना पहले सीधे क्वालिफिकेशन का मौका गंवा चुकी थीं।
भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) की चयन नीति के तहत एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाले मुक्केबाजो को एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों के लिए सीधे क्वालिफिकेशन दिया गया था।
महिलाओं के 51 किलोग्राम वर्ग में साक्षी चौधरी ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए मौजूदा 48 किलोग्राम विश्व चैंपियन मीनाक्षी हुड्डा को फाइनल में 5-0 से हराया।
साक्षी ने इससे पहले सेमीफाइनल में दो बार की विश्व चैंपियन निकहत जरीन को 4-1 से हराकर बड़ा उलटफेर किया था।
वहीं मीनाक्षी हुड्डा ने सेमीफाइनल में पूर्व विश्व चैंपियन और 2022 राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता नीतू घंघास को हराया था।
हालांकि मीनाक्षी हुड्डा ने एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप में 48 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था लेकिन यह भार वर्ग एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों के कार्यक्रम में शामिल नहीं है।
इसी वजह से मीनाक्षी को 51 किलोग्राम वर्ग में उतरना पड़ा जहां उनका अभियान साक्षी चौधरी के खिलाफ हार के साथ समाप्त हो गया।
एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप के जरिए पहले ही क्वालिफिकेशन हासिल करने वाले खिलाड़ियों में सचिन सिवाच (पुरुष 60 किलोग्राम), प्रीति पवार (महिला 54 किलोग्राम) और प्रिया घंघास (महिला 60 किलोग्राम) शामिल हैं। इन सभी खिलाड़ियों ने उलानबटार में फाइनल तक का सफर तय किया था।
जैस्मिन लांबोरिया (महिला 57 किलोग्राम), अरुंधति चौधरी (महिला 70 किलोग्राम) और आदित्य प्रताप सिंह (पुरुष 65 किलोग्राम) ने केवल राष्ट्रमंडल खेलों के लिए क्वालिफिकेशन हासिल किया है क्योंकि उनके भार वर्ग एशियाई खेलों के कार्यक्रम में शामिल नहीं हैं।
विश्व चैंपियनशिप कांस्य पदक विजेता परवीन हुड्डा (महिला 65 किलोग्राम) और नरेंद्र बेरवाल (+90 किलोग्राम) ने भी ट्रायल्स में जीत दर्ज कर आगामी खेलों के लिए अपनी जगह सुनिश्चित कर ली। नरेंद्र बेरवाल 2023 एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले एकमात्र भारतीय पुरुष मुक्केबाज रहे थे।
2026 राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन 23 जुलाई से 2 अगस्त तक ग्लासगो में होगा जिसमें मुक्केबाजी की 14 स्पर्धाएं शामिल रहेंगी। वहीं 2026 एशियाई खेल 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक जापान के आइची-नागोया में आयोजित किए जाएंगे जहां 11 भार वर्गों में मुकाबले होंगे।
2026 एशियाई खेलों के लिए भारतीय मुक्केबाजी टीम :
महिला वर्ग :
साक्षी चौधरी (51 किग्रा),प्रीति पवार (54 किग्रा),प्रिया घंघास (60 किग्रा),परवीन हुड्डा (65 किग्रा),लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा)।
पुरुष वर्ग :
जादूमणि सिंह (55 किग्रा),सचिन सिवाच (60 किग्रा),सुमित कुंडू (70 किग्रा),अंकुश (80 किग्रा),कपिल पोखरिया (90 किग्रा),नरेंद्र बेरवाल (+90 किग्रा)।
2026 राष्ट्रमंडल खेलों के लिए भारतीय मुक्केबाजी टीम :
महिला वर्ग :
साक्षी चौधरी (51 किग्रा),प्रीति पवार (54 किग्रा),जैस्मिन लांबोरिया (57 किग्रा),प्रिया घंघास (60 किग्रा),परवीन हुड्डा (65 किग्रा),अरुंधति चौधरी (70 किग्रा),लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा)।
पुरुष वर्ग :
जादूमणि सिंह (55 किग्रा),सचिन सिवाच (60 किग्रा),आदित्य प्रताप सिंह (65 किग्रा),सुमित कुंडू (70 किग्रा),अंकुश (80 किग्रा),कपिल पोखरिया (90 किग्रा),नरेंद्र बेरवाल (+90 किग्रा)।