पश्चिम बंगाल की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने रविवार (31 मई) को तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी पर हमले को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भाजपा इसका समर्थन नहीं करती है। लेकिन उन्होंने इस हमले की वजह भी बतायी है। बकौल अग्निमित्रा पॉल, अभिषेक बनर्जी पर हुआ यह हमला जनता के गुस्से को दर्शाता है। यह उसी का नतीजा है।
मीडिया से बात करते हुए अग्निमित्रा पॉल ने भाजपा नेताओं, केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और तत्कालीन विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी, पर हुए हमलों की घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उन हमलों की घटनाओं को तृणमूल ने जनता का गुस्सा करार देते हुए खारिज कर दिया था। इस घटना को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
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साथ ही राज्य की नगरोन्नयन मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने यह भी स्पष्ट किया कि हम इस तरह की घटनाओं का समर्थन नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि तृणमूल के जमाने में जब इसी प्रकार के हमले भाजपा नेताओं पर हुँ तब उसे जनता का गुस्सा करार दिया गया था। जो कल (30 मई) हुआ वह भी जनता का ही गुस्सा था।
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उन्होंने आगे कहा कि राज्य के लोगों की यह प्रतिक्रिया तृणमूल सरकार द्वारा सालों तक उनका किए गए उत्पीड़न की वजह से सामने आयी। पॉल ने तृणमूल पर निशाना साधते हुए कहा कि जब यह पार्टी सत्ता में थी तब विपक्ष को दबाने के लिए पुलिस तक का सहारा लेती थी।
गौरतलब है कि शनिवार (30 मई) को जब डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी सोनारपुर में पार्टी के मृत कार्यकर्ता के परिवार से मिलने जा रहे थे तब रास्ते में उनपर अंडे और पत्थर फेंके गए। साथ ही उन्हें मुक्कों और थप्पड़ मारने का दावा भी किया जा रहा है। उस समय उनके साथ मौजूद कुछ पत्रकारों और स्थानीय लोगों ने उन्हें हेलमेट पहनाकर पुलिस व केंद्रीय बलों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला।