सोनारपुर में राजनीतिक हिंसा का शिकार बने पार्टी कार्यकर्ता के घर जाते समय अभिषेक बनर्जी को तीव्र विरोध का सामना करना पड़ा। उनके साथ न सिर्फ धक्का-मुक्की की गयी बल्कि उससे बचने के लिए उन्हें सिर पर हेलमेट तक लगाना पड़ा।
इसके बाद मृत पार्टी कार्यकर्ता के घर पर पहुंचने अभिषेक बनर्जी ने इस घटना को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि वे मुझे जान से मारना चाहते हैं।
पार्टी के मृत कार्यकर्ता के माता-पिता से मिलने पहुंचे अभिषेक बनर्जी ने आगे कहा कि वे मुझे मारना चाहते हैं। मार डाले, यहीं से मेरा शव बरामद हो। लेकिन मैं इस जगह को छोड़कर नहीं जाऊंगा। मैं संजू के वृद्ध माता-पिता को इस हालत में छोड़कर तब तक नहीं जाऊंगा जब तक फोर्स नहीं आती है।
अभिषेक बनर्जी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिन लोगों ने उनसे बदसलूकी की है, जब तक उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती तब तक वह वहां से नहीं जाएंगे। अगर रात 12 बज जाता है तब भी मैं यहीं रहूंगा।
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अभिषेक बनर्जी का आरोप है कि जिस समय उनसे बदसलूकी की जा रही थी तब वहां कोई पुलिसकर्मी नहीं था। तुरंत और सुरक्षा बल पहुंचे इसलिए उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से थाना से संपर्क करने के लिए कहा। लेकिन थोड़ी देर बाद केंद्रीय बल के जवान वहां पहुंचे।
भाजपा का पलटवार
वहीं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा इस मामले से जुड़ी हुई नहीं है। इस तरह की बदसलूकी की घटनाओं का भाजपा समर्थन नहीं करती है। शमीक भट्टाचार्य ने कहा कि तृणमूल ने दक्षिण 24 परगना में जो किया है, भाजपा अगर चाहती तो तृणमूल नेता घर से बाहर नहीं निकल पाते। भाजपा ने संयम बरकरार रखा है इसलिए अभिषेक बनर्जी सोनारपुर तक पहुंच सकें।