अस्पतालों से मरीजों को रेफर करने की आदत को दूर करने के लिए राज्य में भाजपा की नई सरकार ने कड़े कदम उठाएं हैं। रेफर की समस्या को दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाने का फैसला लिया है। इस बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि जिला अस्पतालों में अनियमितता को रोकने के लिए लाइव मॉनिटरिंग की व्यवस्था और कंट्रोल रुम बनाया जाएगा।
इसके साथ ही उन्होंने रेफर की समस्या को कम करने के लिए अस्पतालों में बेड की संख्या को बढ़ाने के साथ-साथ रोस्टर के आधार पर डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति का भी आश्वासन दिया है।
केंद्र सरकार के सहयोग से शनिवार (30 मई) से राज्य में सर्वाइकल कैंसर का विरोधी टीकाकरण की शुरुआत हो रही है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने विधाननगर अस्पताल से राज्य भर के लिए इस टीकाकरण अभियान की शुरुआत की।
इसके साथ ही SSKM अस्पताल में 100 बेड के खास यूनिट का भी उन्होंने उद्घाटन किया। साथ ही पिछले 3 सप्ताह के दौरान स्वास्थ्य के क्षेत्र में राज्य सरकार ने क्या-क्या किया है इसके बारे में भी उन्होंने विस्तृत ब्यौरा दिया।
स्वास्थ्य भवन में कंट्रोल रुम
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य भवन में एक कंट्रोल रुम बनाया गया है जहां से जिला अस्पतालों पर लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी। अस्पताल में दलालों का प्रकोप है या नहीं। डॉक्टर आ रहे हैं या नहीं। मरीजों के लिए बेड उपलब्ध हैं अथवा नहीं। अस्पताल के वार्ड में कुत्ते-बिल्लियां घूम रही हैं या नहीं।
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इसकी निगरानी के लिए पेशेवर कर्मियों को रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि रोगी रेफर के मामले में कलकत्ता मेडिकल कॉलेज के MSVP के खिलाफ भी कदम उठाया जा चुका है।
निजी अस्पतालों में मरीजों के लिए 15 प्रतिशत बेड आरक्षित
रोगियों को रेफर करने की समस्या को दूर करने के लिए राज्य सरकार से ₹1 में जमीन लेकर निजी अस्पताल बनाने का फैसला भी लिया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि ऐसे निजी अस्पतालों में 15 प्रतिशत बेड आम जनता, जरुरतमंदों के लिए आरक्षित रखना होगा।
अगर राज्य के सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ेगी तो ऐसे समय में निजी अस्पतालों में मरीजों को भेजा जाएगा जिन्हें भर्ती लेना पड़ेगा। साथ ही ऐसे मरीजों को निःशुल्क चिकित्सकीय सेवाएं भी प्रदान करनी होगी।
बनेंगे आयुष्मान मंदिर
लंबे इंतजार के बाद केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना अब पश्चिम बंगाल में भी लागू हो गई है। आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ राज्य सरकार सस्ती दवाइयों की व्यवस्था भी कर रही है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के लिए केंद्र सरकार ने इस वर्ष 976 करोड़ रुपये का आवंटन किया है।
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उन्होंने कहा कि जल्द ही राज्य के 1 करोड़ 36 लाख परिवारों और लगभग 6 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत योजना के दायरे में लाया जाएगा। इस योजना के विस्तार से राज्य के करोड़ों लोगों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत लाभार्थियों को पूरे भारत में सूचीबद्ध अस्पतालों में 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर मिलेगा। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि जो प्रवासी मजदूर दूसरे राज्यों में काम करते हैं, वे भी आयुष्मान भारत योजना का लाभ उठा सकेंगे।
हमारे अस्पतालों का नाम आयुष्मान मंदिर होगा। यहां सभी का इलाज किया जाएगा। यदि किसी व्यक्ति को हर महीने दवाइयों पर 1000 रुपये खर्च करने पड़ते हैं, तो यहां वही दवाएं 100 रुपये में उपलब्ध कराई जाएंगी।
उन्होंने राज्य में 467 प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्रों के संचालन की भी घोषणा की। साथ ही बताया कि अमृत परियोजना के तहत जल्द ही कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाएं भी 30 प्रतिशत सब्सिडी पर उपलब्ध कराई जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा और स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठक के बाद राज्य सरकार ने इस वर्ष से ही राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को लागू करने का निर्णय लिया है। इस योजना के लिए केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत 2103 करोड़ रुपये की राशि में से 527 करोड़ रुपये राज्य सरकार को मिल चुके हैं।