कालिम्पोंग में बनेगा मेडिकल कॉलेज। शुक्रवार (29 मई) को नवान्न में हुई बैठक में इस बात की घोषणा पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने की। बंगाल के जिन 4 जिलों में वर्तमान में कोई मेडिकल कॉलेज नहीं है, उसमें कालिम्पोंग भी शामिल है। वहां अब मेडिकल कॉलेज बनाने की घोषणा उन्होंने की।
नवान्न में बैठक के बाद शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए सांसद-विधायकों की सलाह से जिलाधिकारी जगह का चुनाव करने जाएंगे। उसके बाद इसका डीपीआर भेजा जाएगा।
उन्होंने बताया कि भारत सरकारी की परियोजनाओं की तरह कॉस्ट-रेसियो सिस्टम के आधार पर ही इस मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जाएगा। सिर्फ मेडिकल कॉलेज ही नहीं पहाड़ के लोगों के स्वास्थ्य और अन्य सुविधाओं की तरफ भी उन्होंने पूरा ध्यान दिया है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पहाड़ (उत्तर बंगाल) के तीनों विधायकों को सलाह दी है कि शैक्षणिक संस्थानों, टूरिस्ट सेंटर और अस्पतालों का दौरा करें। खासतौर पर स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टर और नर्स की संख्या के बारे में पता करें। वहां कौन सी अत्याधुनिक यंत्रों की आवश्यकता होगी, इस बारे में पता लगाए। साथ ही उन यंत्रों को जल्द से जल्द वहां पहुंचाने के लिए उसकी सूची जिलाधिकारियों के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग के पास भेजने के लिए कहा है।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पहाड़ के चाय को लेकर भी उनकी योजनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पेशल पैकेज दिया था लेकिन पूर्व की सरकार उसे लेने के लिए राजी नहीं हुई।
उसी परियोजना की मदद से असम में बड़ी संख्या में चाय श्रमिकों को मदद मिल रही है। इसलिए अब बंगाल में भी उस पैकेज से मदद ली जाएगी। उन्होंने बताया कि नियमानुसार आवश्यक कदम उठाकर केंद्र से आवंटन लाकर चाय बागानों के मजदूरों की मदद की जाएगी।